Uttar Pradesh

एआर रहमान के बयान पर भड़के साधु-संत, पंडित धीरेंद्र शास्त्री बोले- ‘जंगल, जमीन, जोरू को बचाना है तो…’

लखनऊ: ऑस्कर अवॉर्ड विनर म्युजिशियन एआर रहमान इन दिनों अपने बयानों के कारण सुर्खियों में हैं. उन्होंने हाल में दिए एक इंटरव्यू में कहा कि उन्हे काम मिलने में परेशानी हो रही है, क्योंकि हिंदी सिनेमा में अब सांप्रादायिकता देखने को मिलती है. एआर रहमान के इस बयान को लेकर साधु-संतों में अब नाराजगी देखने को मिल रही है और कई साधु-संत इस बयान का विरोध कर रहे हैं.

बागेश्वर धाम के सिद्ध पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, ‘पहले ग से गणेश पढ़ाया जाता था, फिर लोगों को दिक्कत होने लगी कि यह संप्रदायिक है. फिर ग से गधा पढ़ाया जाने लगा और बच्चे भी गधे होते जा रहे हैं. भारत में SECULARISM का कीड़ा काट रहा है और देश को बर्बाद उन्ही लोगों ने किया, जिनको वैदिक गुरुकुलम परंपरा से दिक्कत है. भारत को अगर भारत रहने देना है, तो भारत सरकार को हर जिले में वैदिक गुरुकुल खोलना चाहिए.’

‘कम से कम 4 बच्चे होने चाहिए’

उन्होंने आगे कहा, ‘हम जब काबा नहीं जा रहे, तो तुम बाबा के पास क्यों आ रहे हो. सरकार कहती है कि बच्चे दो ही अच्छे, लेकिन चच्चे के 30 बच्चे क्यों. हम यही कहेंगे कि हिंदुओं जनसंख्या बढ़ाओ, घटाओ मत. यदि अपने बच्चों की जल, जंगल, जमीन, जोरु को बचाना है, तो जनसंख्या बढ़ाओ. कम से कम 4 बच्चे होने चाहिए, हमारी शादी नहीं हुई है, फिर भी प्लानिंग बता देते हैं.’

‘इस तरह की बातें नहीं करनी चाहिए’

वहीं एआर रहमान के बयान पर विरोध जताते हुए सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी देवेशचार्य महाराज ने कहा, ‘एआर रहमान, जिन्हें सांप्रदायिक कहा जा रहा है, एक महान कलाकार हैं. ऐसे बयान नहीं दिए जाने चाहिए. उन्होंने अवसर मिलने पर काम किया. अब जब उन्हें काम नहीं मिल रहा है, तो आप इस तरह की बातें नहीं कर सकते हैं.’

सपा और कांग्रेस नेता का रिएक्शन

समाजवादी पार्टी के नेता एस.टी. हसन ने कहा, ‘उन्होंने अपनी चिंता व्यक्त की है , लोग खुलकर नहीं बोल रहे हैं और भाजपा ने पूरे देश में ऐसा माहौल बनाया है, जो हमारे राष्ट्र के लिए अच्छा नहीं है.’ वहीं कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने कहा, ‘अगर ए.आर. रहमान ऐसा कुछ कहते हैं, तो आपको उनसे सीधे पूछना होगा कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा, किस संदर्भ में कहा. मुझे इसके बारे में जानकारी नहीं है.’

इस बयान को लेकर अखिल भारतीय मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा, ‘भारत के विख्यात संगीतकार ए.आर. रहमान न केवल भारत में प्रसिद्ध हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी व्यापक पहचान है. वे अपनी प्रतिभा और कौशल के लिए सम्मानित हैं और अपार लोकप्रियता का आनंद लेते हैं. यदि उन्हें अपने नाम के कारण काम न मिलने जैसी कोई शिकायत या आपत्ति है, तो वे इसे जायज मान सकते हैं.

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