Uttar Pradesh

दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाले कारीगरों के घर में रोटी भी नहीं, पढ़िए रिपोर्ट 



विशाल झा/ गाजियाबाद : बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माने जाने वाला त्योहार दशहरा को भारत में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन रावण दहन किया जाता है.रावण के साथ उसके भाई कुंभकरण और बेटे मेघनाथ के भी पुतले बनाए जाते है और उनको भी बुराई का प्रतीक मानकर रावण के साथ दहन किया जाता है. हजारों की संख्या में लोग अपने गांव शहर में रावण को जलते हुए देखते है.

रावण बनाने वाले कारीगर कई महीनों पहले से ही रावण का पुतले बनाने में लग जाते हैं. दिल्ली के सुभाष नगर में रावण के पुतले बिकते हैं पर इस बार गाजियाबाद में भी पहली बार रावण की बिक्री देखी जा रही है. गाजियाबाद के हापुड़ चुंगी में दिल्ली के कारीगर रावण का पुतला बेच रहें हैं. जिनकी ऊंचाई 2 फीट से लेकर 7 फीट तक है. जिसका आसानी से गली-मोहल्ले, कॉलोनी और सोसाइटी में दहन किया जा सकेगा. दूसरों के चेहरे पर खुशी लाने वाले ये कारीगर कड़े संघर्ष के बाद भी दो टाइम की रोटी मुश्किल से गुजार पाते है. रावण के पुतले बनाने वाले इन कारीगरों से हमारी टीम ने बात की.

कभी-कभी रोटी मिलने में होती है मुश्किलकारीगर अमर ने कहा कि पेट्रोल -डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण बांस भी महंगा हो गया है. इसके साथ रावण बनाने वाली अन्य समाग्री जैसे पन्नी, अखबार के कागज़, गोंद और कार्टून के दाम भी बढ़ गए है.अमर को मूर्ति बनाते हुए 20 साल हो गए हैं. वो बताते हैं कि रावण के पुतले का सर प्लास्टिक की बोटल से बनता है और बॉडी गत्थे की रहती है. यहां सोसाइटी, कॉलोनी के लिए रावण बनाए जाते हैं. यहां रावण 350 से शुरू होकर 2 हजार तक की रेंज पर है. कभी-कभी बहुत बुरे दिन भी देखने पड़ते हैं. बहुत मेहनत होती है, रात के 1 बजे तक जाग कर भी काम करना पड़ता है. अगर सीजन में रावण की बिक्री नहीं हो पाती तो घर में रोटी भी नहीं मिल पाती.

रावण बनाने के अलावा अन्य काम भी करते है कारीगरमूर्तिकार सूरज भाटी ने  कहा  कि काम नहीं चलता तो टेडी बेचते है और गुब्बारा बेच कर काम चलाते है. जब बरसात आती है तो बहुत परेशानी बढ़ जाती है. इन रावण के पुतलो पर ही उम्मीद टिकी होती है. अगर सीजन ठीक ठाक रहता है तो दस-बीस हजार की बचत हो जाती है. अजय ने बताया कि गर्मी में स्विमिंग टब, ठंड में टेडी बीयर बेचते है और गाजियाबाद में पहली बार हम रावण बेच रहे है. इनमें रावण की सजावट में थोड़ा ज्यादा समय लगता है.
.Tags: Ghaziabad News, Local18, Uttar pradesh newsFIRST PUBLISHED : October 23, 2023, 21:19 IST



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