Last Updated:January 03, 2026, 13:20 ISTWheat Farming Tips : गेहूं की दूसरी सिंचाई के बाद सही समय पर यूरिया के साथ जिंक का प्रयोग करने से पत्तियों का पीलापन दूर होता है और कल्लों की संख्या तेजी से बढ़ती है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार संतुलित उर्वरक प्रबंधन से फसल की ग्रोथ सुधरती है और बेहतर उपज मिलती है.शाहजहांपुर : यूपी में मौसम ने फिर से यू टर्न लिया है. पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ते ही सर्द पछुआ ने सर उठाया और शुक्रवार को दिन में प्रदेश के कई जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ी. हालांकि, जिन किसानों ने नवंबर के पहले सप्ताह में गेहूं की अगेती बुवाई की थी, उनकी फसल में अब दूसरी सिंचाई के लिए ये समय सबसे उपयुक्त है. कई किसान फसल की धीमी ग्रोथ और पत्तियों में पीलेपन को लेकर चिंतित हैं. यदि कल्लों की संख्या नहीं बढ़ रही है, तो एक्सपर्ट का कहना है कि घबराने के बजाय सही समय पर पोषक तत्वों का प्रबंधन करना जरूरी है. दूसरी सिंचाई के तुरंत बाद अगर उर्वरक का सही तरीके से प्रबंधन कर लिया जाए तो गेहूं की फसल से अच्छी गुणवत्ता के उपज ली जा सकती है.
कृषि एक्सपर्ट डॉ. एनपी गुप्ता ने बताया कि गेहूं की फसल में पीलापन और रुकती ग्रोथ अक्सर पोषक तत्वों की कमी का संकेत होती है. किसान केवल नाइट्रोजन पर निर्भर न रहकर संतुलित उर्वरक प्रबंधन पर ध्यान दें, यदि बुवाई के समय बेसल डोज में जिंक का प्रयोग नहीं किया गया है, तो दूसरी सिंचाई के बाद दे देना चाहिए है. पौधों की जड़ों की मजबूती और कल्लों के बेहतर विकास के लिए सही मात्रा में उर्वरकों की पूर्ति जरूरी है. दूसरी सिंचाई के बाद खेत में नमी होने पर खाद का प्रयोग सबसे प्रभावी परिणाम देता है.
यूरिया और जिंक का छिड़कावगेहूं की फसल में दूसरी सिंचाई आमतौर पर बुवाई के 45 से 50 दिनों बाद की जाती है. सिंचाई के लगभग 5 से 7 दिन बाद, जब मिट्टी में पैर टिकने लगें, तब यूरिया की दूसरी टॉप ड्रेसिंग करना सबसे बेहतर माना जाता है. किसानों को प्रति एकड़ लगभग 40 से 45 किलो यूरिया का समान रूप से छिड़काव करना चाहिए. यदि शुरुआत में जिंक नहीं दिया गया है, तो इसे यूरिया के साथ मिलाकर डाल दें. यह कॉम्बिनेशन न केवल पत्तियों का पीलापन दूर करता है, बल्कि पौधों को मजबूती देकर कल्लों की संख्या को भी तेजी से बढ़ाता है.
About the Authormritunjay baghelमीडिया क्षेत्र में पांच वर्ष से अधिक समय से सक्रिय हूं और वर्तमान में News-18 हिंदी से जुड़ा हूं. मैने पत्रकारिता की शुरुआत 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से की. इसके बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड चुनाव में ग्राउंड…और पढ़ेंLocation :Shahjahanpur,Uttar PradeshFirst Published :January 03, 2026, 13:20 ISThomeagricultureदूसरी सिंचाई के बाद यूरिया के साथ डालें ये कॉम्बिनेशन! गेहूं से पीलापन होगा…

