Artificial Sweetner In Sugar Control: डायबिटीज के मरीज शुगर कंट्रोल करने के लिए आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल करते हैं. इसका इस्तेमाल नया नहीं है. यह खूब उपयोग में लाया जाता है. आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल खासतौर पर वे लोग जरूर करते हैं, जो डाइट में रिफाइन्ड शुगर की मात्रा को कम करना चाहते हैं. हालांकि, एक नई रिसर्च से पता चलता है कि जीरो-कैलोरी स्वीटनर में एरिथ्रिटॉल (erythritol) भी होता है, जो ब्लड क्लॉटिंग, स्ट्रोक और दिल के दौरे का कारण बनता है.कहानी अभी बाकी हैलाइव टीवी
स्वीटनर को लेकर हुई रिसर्च से सामने आया ये फैक्ट-एक रिसर्च में ये बताया गया कि जो लोग पहले से दिल के मरीज हैं, उनमें एरिथ्रिटॉल (erythritol) खतरे को दोगुना कर सकता है. अगर उनके खून में एरिथ्रिटॉल की मात्रा बढ़ती है, तो उनमें दिल के दौरे या स्ट्रोक का जोखिम और बढ़ जाएगा. साथ ही एरिथ्रिटॉल जैसे स्वीटनर का इस्तेमाल बीते सालों में कुछ ज्यादा बढ़ा है.
क्या है एरिथ्रिटॉल (Erythritol) ?लो-कैलोरी, लो-कार्ब्स और कीटो प्रोडक्ट्स में आर्टिफिशियल स्वीटनर, एरिथ्रिटॉल का खूब उपयोग होता है, जो चीनी का एक आम विकल्प है. शोधकर्ताओं ने बताया कि शुगर-फ्री प्रोडक्ट्स जिनमें erythritol मौजूद होता है, वे अक्सर उन लोगों को दिया जाता है जो चीनी या कैलोरी के सेवन को कम करना चाह रहे हैं. एरिथ्रिटॉल 70 फीसदी उतना ही मीठा होता है जितनी की चीनी मीठी होती है. लेकिन इसे मकई को फर्मेंट करके बनाया जाता है. हालांकि, यह जानना भी जरूरी है कि हमारा शरीर एरिथ्रिटॉल को सही तरीके से पचा नहीं पाता. यह खून में प्रवेश कर जाता है और शरीर से पेशाब के जरिए ही निकलता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. इसे अपनाने से पहले चिकित्सीय सलाह जरूर लें. ZEE NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
हिंदी ख़बरों के लिए भारत की पहली पसंद ZeeHindi.com – सबसे पहले, सबसे आगे.
CDC warns spring break travelers about dengue fever in over 15 countries
NEWYou can now listen to Fox News articles! The U.S. Centers for Disease Control and Prevention has issued a warning…

