यूरिक एसिड एक तरह की गंदगी है, जो खाने में मौजूद प्यूरीन नामक प्रोटीन के टूटने से बनता है. आमतौर पर यह खून के जरिए किडनी तक पहुंचता है और पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर हो जाता है. लेकिन जब इसकी मात्रा बॉडी में बहुत ज्यादा हो जाती है, जो यह क्रिस्टल में बदल जाता है, और जोड़ों में जमकर गठिया जैसे समस्या का कारण बनता है.
महिलाओं के शरीर में 1.5 से 6.0 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर (mg/dL) और पुरुषों के शरीर में 2.5 से 7.0 mg/dL तक यूरिक एसिड नॉर्मल होता है. लेकिन इससे ज्यादा होने पर तुरंत खानपान में बदलाव करना जरूरी हो जाता है. ऐसे में यदि आप ये सफेद फूड खाते हैं, तो तुरंत इससे परहेज कर लें.
इसे भी पढ़ें- दूध, दही, बटर… PCOS में खा रहे डेयरी आइटम्स, डॉक्टर ने बताया बढ़ सकती है प्रॉब्लम
यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण
जोड़ों में दर्द या सूजनजोड़ों के आसपास की त्वचा का रंग बदलनाछूने पर जोड़ों में गर्माहट महसूस होनाबार-बार पेशाब आना तलवे लाल होनापैर के अंगूठे में दर्द
यूरिक एसिड को बढ़ा देता है ये सफेद फूड
आयुर्वेद में दही को यूरिक एसिड में खाने के लिए मना किया जाता है. दरअसल, दही में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है, यूरिक एसिड को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होता है. लेकिन कई हेल्थ विशेषज्ञ डेयरी प्रोडक्ट को यूरिक एसिड को कम करने में मददगार मानते हैं.
ये फूड्स भी बढ़ाते हैं यूरिक एसिड
यदि आपका यूरिक एसिड नॉर्मल से ज्यादा है, तो इसे कंट्रोल करने के लिए रेड मीट, अल्कोहल, मक्खन, क्रीम, आइसक्रीम, स्वीट ड्रिंक, अरबी, पालक, छोले, राजमा, चावल, गुड़, मशरूम, फूलगोभी जैसे फूड्स का कम से कम सेवन करें.
इसे भी पढ़ें- चिया सीड्स के फायदे चाहिए, तो खाते वक्त इन 5 गलतियों से बचें
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. इसे अपनाने से पहले चिकित्सीय सलाह जरूर लें. ZEE NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
Much work awaits to get Medigadda back into shape
The ultimate salvation of the Medigadda barrage, the most damaged of the three Kaleshwaram lift irrigation scheme (KLIS)…

