धनिया के पत्ते: एक प्राकृतिक उपचार
धनिया के पत्ते पाचन सुधारने, ब्लड शुगर नियंत्रित करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और त्वचा के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है. इसके साथ यह अन्य कई बीमारियों में रामबाण इलाज का काम करते हैं. आयुर्वेद में धनिया के पत्तों का काफी महत्व है. धनिए के पत्ते पाचन सुधारने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, और शुगर लेवल को नियंत्रित करने में बेहद फायदेमंद हैं. विटामिन A, C, K, आयरन, और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर ये पत्तियां शरीर को डिटॉक्स करती हैं. कोलेस्ट्रॉल कम करती हैं और आंखों के स्वास्थ्य के लिए रामबाण हैं.
डॉक्टर रवि आर्य ने बताया कि धनिया के पत्ते पाचन स्वास्थ्य के लिए एक प्राकृतिक और असरदार घरेलू उपाय हैं. जो पाचक एंजाइमों और रसों को उत्तेजित कर भोजन पचाने में मदद करते हैं. ये पेट फूलने, गैस, अपच और पेट दर्द से राहत दिलाने में सहायक हैं. इसमें मौजूद फाइबर और एंटी-माइक्रोबियल गुण कब्ज को रोकने और आंतों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. धनिया के पत्ते में हाइपोग्लाइसेमिक (ब्लड शुगर कम करने वाले) और लिपिड-लोअरिंग (कोलेस्ट्रॉल घटाने वाले) गुण होते हैं. जो मधुमेह और हृदय स्वास्थ्य को प्रबंधित करने में सहायक हैं. यह इंसुलिन उत्पादन को बढ़ाकर ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करते हैं और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं।
इसके लिए रोजमर्रा के भोजन, चटनी या खाली पेट धनिये का पानी (उबालकर या भिगोकर) इस्तेमाल करना बहुत फायदेमंद है. धनिया के पत्ते विटामिन C, विटामिन E और एंटीऑक्सीडेंट (जैसे टेरपिनिन, क्वेरसेटिन) का बेहतरीन स्रोत हैं. जो श्वेत रक्त कोशिकाओं को सक्रिय कर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) बढ़ाते हैं. यह जीवाणुरोधी गुण प्रदान करते हैं और संक्रमण से लड़कर बीमारियों से बचाते हैं।
धनिया के पत्ते विटामिन A, C, E और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं. जो आंखों की रोशनी बढ़ाने, सूखापन कम करने और त्वचा से मुंहासे, दाग-धब्बे व सूजन दूर करने में बेहद फायदेमंद हैं. यह त्वचा को विषमुक्त कर चमकदार बनाता है और आंखों की जलन व इन्फेक्शन को कम करने में भी कारगर है. धनिया के पत्ते हृदय स्वास्थ्य के लिए पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट के साथ एक प्राकृतिक मूत्रवर्धक के रूप में कार्य करते हैं. जो खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करके और रक्तचाप को नियंत्रित कर दिल की सुरक्षा करते हैं।
साथ ही, यह शरीर से अतिरिक्त सोडियम और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर (डिटॉक्स) किडनी की कार्यक्षमता बढ़ाता है. धनिया के पत्ते कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम और विटामिन K से भरपूर होते हैं. जो हड्डियों को मजबूत बनाने और उनके घनत्व को बढ़ाने में मदद करते हैं. इसका नियमित सेवन ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को कम करता है और जोड़ों के दर्द व सूजन में राहत देता है. यह हड्डियों की मरम्मत के लिए एक उत्तम प्राकृतिक उपाय है.

