Last Updated:January 05, 2026, 12:06 ISTLucknow News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बढ़ते साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट की घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए एक ख़ास पाती प्रदेशवासियों के लिए लिखी है. मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि देश के किसी भी कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसी को वय्व्वस्था नहीं है. लिहाजा साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहना होगा.ख़बरें फटाफटCM योगी आदित्यनाथ लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बढ़ते साइबर अपराधों, खासकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगी के खिलाफ प्रदेश की जनता को सतर्क करते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की गई इस ‘योगी की पाती’ में उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के किसी भी कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई व्यवस्था नहीं है.
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में लिखा: “मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों, मोबाइल और कंप्यूटर ने हमारे जीवन को अधिक सुगम और सुविधाजनक बनाया है, परंतु इसके साथ ही साइबर अपराध की चुनौतियां भी बढ़ी हैं. आपकी सरकार इसकी रोकथाम के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है. देश के किसी भी कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई व्यवस्था नहीं है. जागरूक बनें और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को. आइए, हम सब मिलकर एक सुरक्षित और साइबर अपराध-मुक्त उत्तर प्रदेश का निर्माण करें.”
वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी की व्यवस्था नहीं
यह संदेश ऐसे समय में आया है जब ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठग खुद को पुलिस या CBI अधिकारी बताकर वीडियो कॉल, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के जरिए लोगों को डराते-धमकाते हैं और लाखों-करोड़ों रुपये की ठगी करते हैं. मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पुलिस या कोई सरकारी एजेंसी कभी भी वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती और न ही पैसे की मांग करती है.
साइबर हेल्पलाइन नंबर पर करें शिकायत
योगी सरकार ने साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं. 2017 से पहले जहां प्रदेश में सिर्फ 2 साइबर क्राइम थाने थे, वहीं अब सभी 75 जिलों में अलग-अलग साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन और हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की गई हैं. मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी, फोटो, लोकेशन या OTP कभी साझा न करें. अगर कोई साइबर ठगी का शिकार हो तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं. जितनी जल्दी रिपोर्ट होगी, उतनी ही संभावना है कि ठगे गए पैसे वापस मिल सकें.About the AuthorAmit Tiwariवरिष्ठ संवाददाताअमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ेंLocation :Lucknow,Uttar PradeshFirst Published :January 05, 2026, 12:06 ISThomeuttar-pradesh’डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई व्यवस्था नहीं… साइबर ठगी के खिलाफ CM योगी की पाती

