Air Pollution: दिवाली की रात बाद दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता बेहद खराब हो गई. दीपावली की रात प्रतिबंध के बावजूद पटाखों की संख्या में वृद्धि के बीच इसके परिणाम सामने आए. वायु गुणवत्ता में गिरावट का एक और बड़ा कारण पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना भी है. इससे पहले पहले द सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) द्वारा भविष्यवाणी की गई थी, एक्यूआई दिवाली पर ही गंभीर स्तर पर पहुंच गया और आने वाले दिनों में रेड जोन में रहेगा.
दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण ने लोगों में आम सर्दी, खांसी और नाक बंद होने के मामले बढ़ा दिए हैं. मौजूदा स्थिति के लिए चेकअप और दवाएं लेने के लिए लोग डॉक्टर के क्लिनिक में आ रहे हैं. आइए जानते हैं ऐसे समय में फेफड़ों को स्वास्थ्य कैसे रखा जाए.
1. सबसे पहली बात, फेफड़ों के स्वास्थ्य रखने के लिए धूम्रपान न करें.2. घर के अंदर हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए एयर प्यूरीफायर और कार्बन मोनोऑक्साइड डिटेक्टर लगाएं.3. बाहर किसी पार्क या हरे भरे क्षेत्र में जाएं.4. अधिक व्यायाम करें क्योंकि इससे आपके फेफड़ों की काम करने की क्षमता बढ़ेगी.5. फेफड़ों को मजबूत बनाने के लिए ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें.6. सांस की तकलीफों को दूर रखने के लिए हाइड्रेशन महत्वपूर्ण है, इसलिए ज्यादा पानी पीएं.
दिल्ली-एनसीआर में पिछले 2 साल में पटाखों की तीव्रता कम दर्ज की गई, लेकिन प्रतिबंध के बावजूद लोग अभी भी पटाखे फोड़ते हैं. दिल्ली सरकार ने सितंबर में 1 जनवरी, 2023 तक सभी प्रकार के पटाखों के उत्पादन, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी. खराब एयर क्वालिटी में योगदान का एक अन्य कारण हरियाणा और पंजाब के निकटतम कृषि राज्यों में पराली जलाना है.
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