लखनऊ : स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की 56वीं वार्षिक बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. इस वैश्विक मंच पर उत्तर प्रदेश को ₹2.92 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे राज्य को वैश्विक निवेश मानचित्र पर नई पहचान मिली है. दावोस से लौटने के बाद मंगलवार को लोक भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी सरकार लगातार तीसरी बार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराने में सफल रही है. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश में निवेश के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रमाण है.
119 बैठकों के बाद 31 एमओयू पर हस्ताक्षरवित्त मंत्री ने बताया कि दावोस सम्मेलन के दौरान उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने 119 उच्च स्तरीय बैठकें कीं, जिनमें दुनिया की 55 से अधिक प्रमुख कंपनियों ने भाग लिया. इन बैठकों के बाद डेटा सेंटर, नवीकरणीय ऊर्जा, मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग, ईवी, फार्मा, हेल्थकेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में कुल 31 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए.
ग्रेटर नोएडा में लगेगा 1 गीगावॉट एआई डेटा सेंटरसबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव नीदरलैंड की कंपनी ‘एएम-ग्रीन’ के साथ हुआ है. इस एमओयू के तहत ग्रेटर नोएडा में एआई आधारित 1 गीगावॉट डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा. इसके जरिए वर्ष 2028 तक लगभग ₹2.10 लाख करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है. इस परियोजना से प्रदेश में डिजिटल और तकनीकी विकास के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होने की उम्मीद है.
इसके अलावा एएसआर टेक्नोलॉजी के साथ ₹200 करोड़ का एमओयू हुआ है. वहीं, उबर ने विस्तारित मोबिलिटी सहभागिता और संभावित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) की स्थापना में रुचि दिखाई है.
नवीकरणीय ऊर्जा में हजारों करोड़ के निवेश प्रस्तावयूपीनेडा के निदेशक इंद्रजीत सिंह ने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी बड़े निवेश प्रस्ताव मिले हैं. इनमें सोलर रूफटॉप और बैटरी एनर्जी स्टोरेज में ₹1000 करोड़, हाइब्रिड इलेक्ट्रिक व्हीकल प्लांट में ₹1100 करोड़, सोलर पावर प्रोजेक्ट्स और सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग में ₹10,500 करोड़ तथा ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग पार्क में ₹3800 करोड़ के एमओयू शामिल हैं.
इसके अलावा एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के साथ नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन को लेकर गैर-वित्तीय एमओयू हुआ है. आरईसी लिमिटेड ने 500 मेगावाट कृषि अपशिष्ट-से-ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ₹8000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए हैं.
उद्योग और स्टील सेक्टर में भी बड़ा निवेशरश्मि मेटालिक्स ने 1 एमटीपीए एकीकृत इस्पात संयंत्र के लिए ₹4000 करोड़ निवेश की प्रतिबद्धता जताई है. वहीं एबी इनबेव, गोदरेज, फिलिप मॉरिस इंटरनेशनल और श्नाइडर इलेक्ट्रिक जैसी कंपनियों के साथ स्मार्ट फैक्ट्री, इंडस्ट्री 4.0 और सप्लाई चेन विकास पर विस्तृत चर्चा हुई.
तकनीक और हेल्थकेयर पर फोकसगूगल, उबर, टेक महिंद्रा, सिस्को, डेलॉइट, गूगल क्लाउड समेत कई वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ एआई, डेटा सेंटर, डिजिटल गवर्नेंस, स्किल डेवलपमेंट और मोबिलिटी सॉल्यूशंस पर चर्चा हुई. इसके साथ ही हेल्थकेयर, फार्मा और लाइफ साइंसेज सेक्टर में भी निवेश को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई.
सिंगल-विंडो टीम करेगी एमओयू की मॉनिटरिंगवित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि दावोस में हुए सभी एमओयू की नियमित मॉनिटरिंग और फॉलो-अप किया जाएगा. इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए एक समर्पित सिंगल-विंडो टीम गठित की जाएगी, जो स्वीकृतियों से लेकर परियोजनाओं के संचालन तक समयबद्ध सहयोग देगी.
यूपी पवेलियन रहा आकर्षण का केंद्रउन्होंने बताया कि ‘पार्टनर विद भारत’ थीम के तहत स्थापित इंडिया पवेलियन में उत्तर प्रदेश का पवेलियन चारों दिन निवेशकों का केंद्र बना रहा. वैश्विक निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों की लगातार मौजूदगी ने यूपी को एक मजबूत और भरोसेमंद निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित किया.
इस दौरान दावोस गए यूपी प्रतिनिधिमंडल में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, मुख्यमंत्री कार्यालय के सचिव अमित सिंह, इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद और यूपीनेडा के निदेशक इंद्रजीत सिंह मौजूद रहे.

