Uttar Pradesh

दान-चावल, आलू-प्याज भूल जाएंगे…बस शुरू कर दें इस चीज की खेती, बन जाएंगे ‘लखपति’

Makke Ki Kheti: किसान जगन्नाथ प्रसाद मौर्य पिछले कई सालों से मोटे अनाज मक्का की खेती करते आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि एक हेक्टयर में खर्चा सिर्फ जोताई और बीज का आता है. बाकी इस फसल में कोई खास खर्चा नहीं आता है. ये फसल लगभग 150 दिनों में तैयार होने वाली फसल मानी जाती है. मोटे अनाज की डिमांड भी अधिक मार्केट में बढ़ती जा रही है. ऐसे में मक्के की खेती करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है.

समय के साथ-साथ मोटे अनाजों का चलन बिल्कुल विलुप्त होता जा रहा है, जिसको पुनः बढ़ावा देने के लिए सरकार भी नई-नई रणनीतियां बनाकर किसानों को मुफ्त में बीज और मुफ्त में ट्रेनिंग दिला रही है. किसानों को मोटे अनाज की खेती को लेकर जागरूक कर रही है और अब किसान भी धीरे-धीरे मोटे अनाज को लेकर जागरूक हो रहे हैं.

समय के साथ बढ़ी मक्के की डिमांड बदलते वक्त के साथ मक्का समेत मोटे अनाजों की डिमांड भी बढ़ती जा रही है. बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां बड़े-बड़े शहरों में इन मोटे अनाजों से तरह-तरह के फूड बनाए जाते हैं. और फिर महंगे दामों पर वह फूड मार्केट में बिकते हैं और लोगों को पसंद भी आते हैं. इन्हीं मोटे अनाजों में से एक अनाज मक्का है. जिसकी रोटी खाने में काफी फायदेमंद मानी जाता है. इसके साथ बहुत सारे फूड बनते हैं कॉर्न फ्लेक्स ,पॉपकॉर्न ,मक्का सेव, बिस्कुट और भी बहुत सारे आइटम.

खेती करने में आती है कितनी लागत? एक हेक्टेयर खेत की बात की जाए तो लगभग 20 से 25 किलो तक बीज लग जाते हैं और खर्च की बात करें तो निराई और खाद अगर आप जैविक विधि से करते हैं तो खाद का खर्चा ना के बराबर होता है. वहीं अगर पैदावार की बात करें तो 10 कुंटल से लगाकर 15 कुंटल तक का मक्का एक हेक्टेयर में बड़े आराम से हो जाता है. अगर कीमत की बात करें तो इसकी कीमत 2200 से लगाकर 2700 रुपये प्रति कुंटल तक जाती है, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा होता है.

मोटे अनाज की तरफ बढ़ रहे किसान पिछले कुछ सालों से एक बार फिर मोटे अनाज की खेती की बात हो रही है. ऐसे में सिर्फ मक्का ही नहीं, किसान कई तरह की फसलों की खेती कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं.
Tags: Agriculture, Local18FIRST PUBLISHED : December 3, 2024, 13:42 IST

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