मिर्जापुर में पार्वो बीमारी का प्रकोप, 30 से 40 कुत्तों की मौत
मिर्जापुर: ठंड का मौसम खत्म होने के बाद कुत्तों में सबसे ज्यादा एक बीमारी फैलती है. वह है पार्वो बीमारी. पार्वो वायरस की चपेट में आने वाले कुत्तों का सही समय पर इलाज नहीं हो तो मृत्यु होने का अनुमान बढ़ जाता है. मिर्जापुर जिले में भी अबतक पार्वो वायरस से 30 से 40 कुत्तों की मौत हो चुकी है. मिर्जापुर जिले के पशु चिकित्सक ने बताया कि पार्वो वायरस सबसे ज्यादा छोटे कुत्तों में फैलता है. इसकी वैक्सीन भी लगवाई जाती है. हालांकि, अगर बीमारी फैल गई है तो ससमय इलाज कराने पर ठीक हो जाता है. करीब पांच दिनों तक इसका इलाज चलता है. समय से इलाज न होने पर मृत्यु दर में वृद्धि हो जाती है.
पशु चिकित्सक डॉ. उपेंद्र सिंह ने बताया कि पार्वो बीमारी फरवरी और मार्च महीने में आ जाती है. यह बीमारी जानलेवा और खतरनाक है. पार्वो वायरस के द्वारा यह तेजी से फैलता है. इसके प्रमुख लक्षण कुत्तों को बुखार होना, उल्टी होना, लूज मोशन के साथ खून आने जैसी दिक्कतें होती है. अगर सही से इलाज नहीं हो तो कुत्तों की मृत्यु भी हो जाती है. पार्वो बीमारी से ठीक होने का अनुमान बेहद कम होता है. करीब 90 प्रतिशत कुत्तों की बीमारी के चपेट में आने से मृत्यु हो जाती है. इसके रोकथाम के लिए टीका लगवा सकते हैं. यह छोटे बच्चों में ज्यादा फैलता है. ऐसे में जब कुत्ते के बच्चे हो, जिसे आपने पाल रखा है. उसे बीमारी से बचाने के लिए वैक्सीन लगवा लें. तब आपके कुत्ते में यह समस्या नहीं होगी.
वेक्सिनेशन है जरूरी- डॉ. उपेंद्र ने बताया कि इस समय थोड़ा कम आ रहे हैं. जो भी आ रहे हैं. हम लोग प्रयास कर रहे हैं कि इलाज के बाद ठीक हो जाए. पार्वो बीमारी में 4 से 5 दिनों तक इलाज चलता है. इलाज कराएंगे तो यह बीमारी ठीक हो सकती है. बचाव के तौर पर कुत्ते के बच्चों का विशेष ध्यान देना चाहिए. अगर बाहर घुमाने ले जा रहे हैं तो ध्यान रखें कि दूसरे कुत्ते के बच्चों से संपर्क में न आए. बाहर से आने वाले व्यक्तियों के संपर्क में भी न आने दें. दूसरे कुत्तों से ज्यादा बचाकर रखना है, क्योंकि एक-दूसरे से ही यह बीमारी फैलता है और फिर जानलेवा बन जाता है.

