ऑस्टियोआर्थराइटिस (OA) एक क्रॉनिक बीमारी है, जो जोड़ों को प्रभावित करती है. इसे डीजेनेरेटिव आर्थराइटिस भी कहा जाता है, क्योंकि यह बुढ़ापे से संबंधित होती है. इस स्थिति में, जोड़ों में स्थित कार्टिलेज (हड्डी का मुलायम आवरण) समय के साथ डैमेज होने लगता है.
हाल ही में, एक नए अध्ययन में यह पता चला है कि घुटनों में अक्सर किसी प्रकार की ‘क्रीपिटस’ (क्रैकिंग, ग्रेटिंग या पॉपिंग साउंड) सुनाई देने पर यह ऑस्टियोआर्थराइटिस का संकेत हो सकता है. इस अध्ययन में यह भी देखा गया कि अधिकांश लोग जिनमें बाद में ऑस्टियोआर्थराइटिस का विकास हुआ, उनके घुटनों में आवाजे सुनाई देती थीं, लेकिन शुरुआती चरण में दर्द का अनुभव नहीं हुआ था.
ऑस्टियोआर्थराइटिस के लक्षण
ऑस्टियोआर्थराइटिस के कॉमन लक्षणों में जोड़ों में हल्का से गंभीर दर्द, सूजन, और जकड़न शामिल हैं. शुरुआती स्टेज में, दर्द आमतौर शारीरिक गतिविधि के बाद होता है और आराम करने से राहत मिलती है. लेकिन जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, दर्द आराम करने के बावजूद भी महसूस हो सकता है. इसके अलावा, जोड़ों में कमजोरी और कभी-कभी क्रीकिंग या ग्रेटिंग साउंड सुनाई देती है.
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क्यों आती है जोड़ों से आवाज?
घुटने में होने वाली क्रेपिटस या ‘कुरकुरी’ आवाज तब पैदा होती है. जब घुटने का कार्टिलेज धीरे-धीरे टूटता है और हड्डियां आपस में रगड़ने लगती हैं. यह आवाज आमतौर पर दर्द रहित होती है, लेकिन यह भविष्य में ऑस्टियोआर्थराइटिस के विकास का संकेत हो सकती है.
कौन है खतरे में?उम्र
उम्र बढ़ने के साथ जोड़ों में कार्टिलेज टूटने की प्रक्रिया तेज होती है, जिससे OA का खतरा बढ़ता है.
लिंग
महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले अधिक इस बीमारी का खतरा होता है.
मोटापा
अधिक वजन से जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, खासकर घुटनों और कूल्हों पर, जिससे OA का खतरा बढ़ता है.
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चोट
खेलकूद या दुर्घटनाओं के कारण जोड़ों में चोट लगना OA के जोखिम को बढ़ा सकता है.
आनुवंशिकता
कुछ लोग स्वाभाविक रूप से OA विकसित करने की प्रवृत्ति रखते हैं.
हड्डियों का विकृत होना
कुछ लोग जन्म से विकृत जोड़ या दोषपूर्ण कार्टिलेज के साथ पैदा होते हैं, जिससे OA का खतरा बढ़ सकता है.
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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