अगर आप सोचते हैं कि मिठाई की तुलना में सॉफ्ट ड्रिंक पीना बेहतर है, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ा अलर्ट है. स्वीडन में 70,000 वयस्कों पर की गई एक हालिया स्टडी में खुलासा हुआ है कि लगातार सॉफ्ट ड्रिंक पीने से दिल की बीमारियों का खतरा मिठाई खाने की तुलना में ज्यादा बढ़ जाता है. इसमें स्ट्रोक, हार्ट फेलियर, अनियमित दिल की धड़कन और एनेयूरिज्म (धमनियों में सूजन) जैसी गंभीर समस्याएं शामिल हैं.
स्वीडन में किए गए इस शोध में प्रतिभागियों ने 1997 और 2009 के बीच डाइट संबंधी प्रश्नावली भरी. इसमें यह पूछा गया कि वे कितनी कैलोरी तीन मुख्य सोर्स से प्राप्त करते हैं – सॉफ्ट ड्रिंक और शुगर ड्रिंक, जैम या शहद जैसे टॉपिंग्स और पेस्ट्री, कैंडी या आइसक्रीम जैसी मिठाई. 20 वर्षों से अधिक के फॉलो-अप के बाद, लगभग 26,000 लोगों को दिल से जुड़ी बीमारियों का सामना करना पड़ा. स्टडी के अनुसार, सॉफ्ट ड्रिंक पीने वालों में यह खतरा सबसे अधिक पाया गया.
सॉफ्ट ड्रिंक क्यों है खतरनाक?सॉफ्ट ड्रिंक्स में कंसन्ट्रेटेड चीनी होती है, जो शरीर के लिए ज्यादा नुकसानदायक साबित होती है. मैक्स अस्पताल, साकेत के कार्डियोलॉजी विभाग के चेयरमैन डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि सोडा में खाली कैलोरी (empty calories) होती है, जबकि मिठाई में कार्बोहाइड्रेट, फैट और प्रोटीन जैसे अन्य पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को कुछ हद तक बैलेंस प्रदान करते हैं. सॉफ्ट ड्रिंक पीने से ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ता है, जिससे इंसुलिन हार्मोन को अधिक मात्रा में काम करना पड़ता है. यह प्रक्रिया शरीर में सूजन और नसों को नुकसान पहुंचाती है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा, सॉफ्ट ड्रिंक से वजन बढ़ने और मोटापे का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की समस्या हो सकती है.
हेल्दी ऑप्शन अपनाने का समयडॉ. सिंह सॉफ्ट ड्रिंक पर एकनेशनल हेल्थ एडवाइस जारी करने की वकालत करते हैं, खासतौर पर युवाओं में इसकी बढ़ती लत को देखते हुए. वह सुझाव देते हैं कि सॉफ्ट ड्रिंक की जगह फलों से युक्त पानी या घर पर बने स्मूदी का सेवन करें. साथ ही, ध्यान रखें कि आपकी डाइट में केवल 10% कैलोरी ही ऐडेड शुगर से आनी चाहिए. एक सॉफ्ट ड्रिंक के कैन में लगभग 12 चम्मच चीनी होती है, जो आपकी दैनिक सीमा को पहले ही पार कर देती है.
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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