चंदौली: यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे हो? तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. वीके रॉय और धर्मेंद्र सर ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि अब परीक्षा केवल रट्टा मारने से नहीं, बल्कि स्मार्ट स्ट्रेटेजी, निरंतर अभ्यास और सही माइंडसेट से निकाली जा सकती है. उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों को हिंदी, गणित, रीजनिंग और सामान्य ज्ञान पर बराबर ध्यान देना होगा. साथ ही फिजिकल टेस्ट के लिए रोज दौड़ और कसरत करना भी जरूरी है. कड़ी मेहनत और अनुशासन के साथ की गई तैयारी ही कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में जीत की कुंजी है.
वीके राय सर ने बताया कि यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में अब किंग सब्जेक्ट्स यानी स्कोरिंग विषयों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है. खासकर यह एक बड़ी खुशखबरी है कि माइनस मार्किंग को हटा दिया गया है, जिससे छात्रों के लिए क्वालीफाइ करना और आसान हो गया है, ऐसे में यह जरूरी है कि छात्र यह समझें कि कितने प्रश्न करने हैं, किन प्रश्नों को स्किप करना है और किस तरह से न्यूनतम प्रयास में अधिकतम अंक हासिल किए जा सकते हैं.
हर प्रश्न पर अटकने की जरूरत नहीं वहीं, उन्होंने कहा कि परीक्षा में 150 में से 120 अंक लाना ही सिलेक्शन के लिए काफी हो सकता है. इसलिए हर प्रश्न पर अटकने की जरूरत नहीं है, जो प्रश्न कठिन लगें, उन्हें स्किप कर आगे बढ़ना ही समझदारी है. परीक्षा विद्वान बनने की जगह एक एग्जाम-स्मार्ट कैंडिडेट बनने की मांग करती है. यानी हर विषय में बहुत गहराई में जाने की बजाय इतना मजबूत होना जरूरी है कि पेपर आराम से निकल जाए.
ओएमआर शीट पर जरूर करें प्रैक्टिस धर्मेंद्र सर ने कहा कि तैयारी को लेकर सबसे पहला मंत्र कंटिन्यूटी है. पढ़ाई में गैप नहीं होना चाहिए. रोज अभ्यास करें और उसे प्रैक्टिकल फॉर्म में डालें. ओएमआर शीट पर प्रैक्टिस जरूर करें, क्योंकि अक्सर बच्चे प्रश्न सही जानते हैं, लेकिन ओएमआर में छोटी-छोटी गलतियों के कारण नंबर कट जाते हैं. अगर आप ऑनलाइन स्टडी कर रहे हैं, तो भी मॉक टेस्ट ऑफलाइन मोड में देने की कोशिश करें, ताकि रियल एग्जाम जैसा अनुभव मिल सके.
हर मॉक के बाद करें एनालिसिस आगे उन्होंने कहा कि दूसरा सबसे अहम पॉइंट टाइम मैनेजमेंट है. मॉक टेस्ट लगाते समय यह जरूर देखें कि आप किसी सेक्शन को कितने समय में सॉल्व कर रहे हैं. बिना टाइम देखे पढ़ाई करने से परीक्षा में परेशानी होती है. हर मॉक के बाद एनालिसिस करें कि कहां समय ज्यादा लगा, कहां गलती हुई और किस टॉपिक में सुधार की जरूरत है.
जीएस में रिवीजन करना है जरूरी उन्होंने कहा कि तीसरा पॉइंट नोट्स और रिवीजन करना है. आप चाहे जिस भी संस्था से पढ़ रहे हों, अपने अच्छे और शॉर्ट नोट्स जरूर बनाइए. खासकर जीएस जैसे विषय में रिवीजन सबसे ज्यादा जरूरी है. सेल्फ स्टडी के दौरान बार-बार रिवीजन करें, क्योंकि प्रतियोगी परीक्षा में याददाश्त और स्पीड दोनों की परीक्षा होती है.
PYQ हल करने पर दें खास जोर वहीं, उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करने पर भी खास जोर दें. इससे न सिर्फ पैटर्न समझ में आता है, बल्कि यह भी पता चलता है कि किस टॉपिक से बार-बार प्रश्न पूछे जाते हैं. एनालिसिस के साथ अगर PYQ लगाए जाएं, तो परीक्षा में फायदा कई गुना बढ़ जाता है.
डर पर जीत ही असली जीत है एग्जाम हॉल स्ट्रेटेजी पर बोलते हुए वीके रॉय सर ने कहा कि सबसे पहले वही सेक्शन सॉल्व करें, जिसमें आप सबसे ज्यादा मजबूत हैं. चाहे वह हिंदी हो, रीजनिंग हो या मैथ्स हो. इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ता है और मन का डर खत्म होता है. डर पर जीत ही असली जीत है, जो विषय कमजोर हैं, उन्हें कम से कम एवरेज लेवल तक जरूर ले आएं.
उच्च लेवल के प्रश्न करें सॉल्व रीजनिंग को लेकर उन्होंने बताया कि बच्चे बहुत प्रैक्टिस करते हैं, लेकिन जल्दी भूल भी जाते हैं. इसका समाधान क्वालिटी प्रैक्टिस और बार-बार रिवीजन है. अगर आप यूपी पुलिस की तैयारी कर रहे हैं, तो सिर्फ उसी लेवल पर न रुकें, बल्कि यूपीएसआई, एसएससी और बैंकिंग लेवल के प्रश्न भी सॉल्व करें. इससे आपका लेवल ऊंचा होगा और बदलते पैटर्न में भी आप सहज रहेंगे.
माता-पिता के सपनों को करें पूरा वहीं, उन्होंने कहा कि सोच छोटी नहीं होनी चाहिए. अगर सोच सिर्फ यूपी पुलिस तक सीमित रही, तो तैयारी भी सीमित रह जाएगी. लेवल हाई रखें, मेहनत ईमानदारी से करें और रोज मॉक टेस्ट का एनालिसिस करें, ऐसा करने पर न सिर्फ सिलेक्शन संभव है, बल्कि आप अपने माता-पिता के सपनों को भी पूरा कर पाएंगे. यह सफलता की गारंटी है.

