एक बड़े घोटाले का मामला सामने आया है, जिसमें दो पूर्व मुख्य सचिव, लगभग आधा दर्जन ब्यूरोक्रेट, कई राज्य सेवा अधिकारी और दो पूर्व राज्य मंत्री शामिल हैं। इस मामले में नाम जुड़े अधिकारियों में शामिल हैं ब्यूरोक्रेट अलोक शुक्ला, विवेक धन्द, एमके रौत, सुनील कुजुर, बीएल अग्रवाल और पीपी सोती, साथ ही राज्य सेवा अधिकारी सीताराम पांडे, आशोक तिवारी, हरमन खलखो, राजेश तिवारी और पंकज वर्मा। कई आरोपित अधिकारियों ने 5 फरवरी 2020 को एक विशेष छूट याचिका दायर करके सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन शीर्ष अदालत ने मामले को वापस उच्च न्यायालय को भेज दिया। उच्च न्यायालय ने सभी आरोपित अधिकारियों को नोटिस देने के आदेश दिए हैं और 15 दिनों के भीतर संबंधित विभागों और कार्यालयों से संबंधित मूल दस्तावेजों को जब्त करने के लिए सीबीआई को निर्देशित किया है।
US Depleted Nearly Half of Pentagon’s Missile Defence Interceptor Stock Defending Israel During Iran War: Report
Washington: The United States has depleted a significant portion of its advanced missile defence interceptor inventory after taking…

