Uttar Pradesh

Chaitra Navratri 2026: इस बार डोली से आएंगी और हाथी से जाएंगी मां दुर्गा…खतरनाक है संकेत, मचेगी तबाही! करें ये उपाय

Last Updated:March 14, 2026, 08:12 ISTChaitra Navratri 2026: वाराणसी के ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होगी, जो 27 मार्च तक चलेगी. इस बार मां दुर्गा का आगमन डोली पर और प्रस्थान गज यानी हाथी पर होगा. शास्त्रों में डोली पर आगमन को अशुभ संकेत माना जाता है, जिससे देश में उथल-पुथल और आर्थिक चुनौतियों की संभावना जताई जाती है. वहीं हाथी पर प्रस्थान को प्रकृति के रौद्र रूप का संकेत माना गया है. श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने पर नकारात्मक प्रभाव कम होने की मान्यता है.वाराणसी: शक्ति उपासना के महापर्व चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होने वाली है. नवरात्रि के इस महापर्व पर देवी का आगमन और प्रस्थान का विशेष महत्व शास्त्रों में बताया गया है. यह भविष्य का संकेत भी करती है. वैदिक हिन्दू पंचांग के अनुसार इस बार चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा का आगमन डोली पर हो रहा है जबकि उनका प्रस्थान हाथी पर होगा, जो भारत के लिए शुभ संकेत नहीं है.

बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी के ज्योतिष डिपार्टमेंट के प्रोफेसर पंडित सुभाष पांडेय ने बताया कि चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च को हो रही है, जो 27 मार्च को समाप्त होगा. इस दिन ही दोपहर करीब 12 बजे के बाद दशमी तिथि भी लग रही है. ऐसे में इस दिन ही व्रत का पारण और देवी की विदाई होगी. पंडित सुभाष पांडेय ने बताया कि देवी का डोली पर आना शास्त्रों में शुभ नहीं माना जाता है. इससे देश में उथल पुथल जैसी स्थिति बनी रहेगी. इसके साथ ही आर्थिक समस्याओं से भी लोग परेशान होंगे. इसके अलावा भी देश में कई तरह की चुनौतियां होंगी.

प्रकृति का रौद्र रूप दिखेगावहीं नवरात्रि का समापन शुक्रवार को हो रहा है. यानी देवी का प्रस्थान इस बार गज (हाथी) पर होगा. गज पर देवी के प्रस्थान से भी प्रकृति का रौद्र रूप देखा जाएगा. जिसके कारण देश दुनिया में अनजान आफत का खतरा होगा. पंडित सुभाष पांडेय ने बताया कि मार्कण्डेय पुराण में ऐसा जिक्र है कि यदि नवरात्रि में पूरे श्रद्धा भाव और पवित्रता से देवी की आराधना की जाएं तो इन अशुभ फलों के असर को कम किया जा सकता है.

इस दिन से ही सृष्टि की शुरुआतचैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से ही सृष्टि का आरंभ हुआ था. इस दिन से ही हिन्दू नव वर्ष की शुरुआत होती है. कथाओं के मुताबिक देवी पुराण में ऐसा जिक्र है कि सृष्टि के आरंभ से पहले पूरे ब्रह्मांड में अंधकार था. तभी आदि शक्ति मां दुर्गा के मन में सृष्टि के निर्माण की इच्छा प्रकट हुई. उन्होंने यह प्रस्ताव भगवान शिव और ब्रह्मा को दिया. उनके आदेश के बाद ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि का आरंभ शुरू किया.About the AuthorLalit Bhattपिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ेंLocation :Varanasi,Varanasi,Uttar PradeshFirst Published :March 14, 2026, 08:12 IST

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Uttar PradeshMar 14, 2026

Chaitra Navratri 2026: इस बार डोली से आएंगी और हाथी से जाएंगी मां दुर्गा…खतरनाक है संकेत, मचेगी तबाही! करें ये उपाय

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