Last Updated:June 02, 2025, 10:35 ISTPaddy Farming Machine : मुरादाबाद के कृषि वैज्ञानिक डॉ दीपक मेहंदीरत्ता ने धान की बुवाई के लिए डीएसआर, पूसा सीडर, राइस ट्रांसप्लांटर जैसी मशीनों की सलाह दी है, जिससे समय और लागत की बचत होती है. धान की फसल की तैयारी चल रही है. ऐसे में किसान तरह-तरह के बीज और अन्य माध्यमों का प्रयोग कर धान की फसल लगाना शुरू कर देते हैं. लेकिन जिसके पास ज्यादा जमीन होती है वह कुछ मशीनों का प्रयोग कर धान की फसल लगाते हैं. जिसमें कई ऐसी मशीन हैं, जो धान की फसल लगाने में मदद करती हैं. मुरादाबाद के कृषि वैज्ञानिक डॉ दीपक मेहंदीरत्ता ने बताया कि धान की सीधी बुवाई डीएसआर मशीन, पूसा पूर्व अंकुरित धान सीडर, राइस ट्रांसप्लांटर, जीरो सीड ड्रिल मशीन और लेजर लैंड लेवलर जैसी मशीनों का उपयोग करके धान की बुवाई करने से समय और लागत की बचत होती है. इन मशीनों का प्रयोग कर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. डीएसआर तकनीक में, बीज को सीधे खेत में बोया जाता है. जबकि पूसा सीडर और राइस ट्रांसप्लांटर जैसे उपकरण रोपाई की प्रक्रिया को आसान बनाते हैं. इन मशीनों का उपयोग करके, किसान समय और लागत बचा सकते हैं, क्योंकि पारंपरिक रोपाई की तुलना में ये तकनीकें कम समय और लागत में धान की बुवाई करने में मदद करती हैं. कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी राज्य सरकारों के कृषि विभाग द्वारा संचालित की जाती है और यह सब्सिडी का प्रतिशत यंत्रों के प्रकार और किसान के श्रेणी के आधार पर भिन्न हो सकता है.किसान को सब्सिडी का 40-50% तक लाभ मिल सकता है. मुरादाबाद के मनोहरपुर में कृषि प्रशिक्षण है. जहां किसानों को नई-नई विधि से धान लगाने की ट्रेनिंग दी जा रही है. इसके अलावा किसानों को मशीनों को माध्यम से धान लगाने और किस मशीन पर कितनी सब्सिडी है आदि जानकारी किसानों को दी जा रही है. आप भी यहां जाकर मुफ्त में लाभ ले सकते हैं.homeagricultureबुवाई से लेकर रोपाई तक…धान की खेती के लिए गजब हैं ये मशीन, आसान हो जाएगा काम
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