यूपी में सर्दी ने अब अपने पूरे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. जैसे-जैसे दिसंबर आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे रात के समय घना कोहरा छा रहा है, जो सुबह तक बना रहता है. खासकर बुंदेलखंड इलाके में कोहरे का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है. कई जगहों पर विजिबिलिटी इतनी कम हो जा रही है कि सामने खड़ा वाहन भी आखिरी वक्त में दिखाई देता है. यही वजह है कि बीते कुछ दिनों में हाईवे और एक्सप्रेसवे पर बड़े सड़क हादसों की खबरें सामने आई हैं. इन हादसों में कमी लाने और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए अब बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर सख्त कदम उठाये गए हैं.
इस रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन
बता दें कि उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने ठंड और कोहरे को देखते हुए बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार सीमित कर दी है. नए नियमों के तहत भारी वाहनों की अधिकतम गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है. वहीं चार पहिया वाहनों के लिए यह सीमा 80 किलोमीटर प्रति घंटा और दो पहिया वाहनों के लिए 60 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है. यूपीडा का मानना है कि कम गति से वाहन चलने पर अचानक ब्रेक लगने या सामने से किसी वाहन के दिखने पर चालक को संभलने का समय मिलेगा, जिससे बड़े हादसों को रोका जा सकेगा.
अगर चित्रकूट और बांदा जिले की बात करें तो बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का लगभग 80 किलोमीटर लंबा हिस्सा इन दोनों जिलों से होकर गुजरता है. यह मार्ग भरतकूप से शुरू होकर बांदा होते हुए आगे के जिलों से जुड़ता है. इस एक्सप्रेसवे से रोजाना करीब 3 से 4 हजार वाहन गुजरते हैं, जिनमें यात्री वाहन, बसें और भारी मालवाहक ट्रक शामिल होते हैं. कोहरे के मौसम में इतनी बड़ी संख्या में वाहनों का तेज रफ्तार से चलना खतरे को और बढ़ा देता है. इसी को ध्यान में रखते हुए यह नई गति सीमा आगामी 15 फरवरी तक लागू की गई है.
चित्रकूट के लोगों ने कही ये बात
वहीं यूपीडा के द्वारा जारी किए गए इस नियम के संबंध में लोकल 18 की टीम ने चित्रकूट के लोगों से बात की, तो सत्य प्रकाश द्विवेदी, गोलू, सीटू मिश्रा सहित अन्य लोगों ने बताया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे में लिया गया यह निर्णय काफी अच्छा है. यह निर्णय वाहन चालकों की सेफ्टी के लिए लिया गया है. क्योंकि ठंड के समय में कोहरे के कारण हादसे बढ़ जाते हैं. इसलिए इस निर्णय का हम लोग पालन करेंगे. क्योंकि लगातार एक्सप्रेसवे में कोहरे के कारण हादसे भी हो रहे है.
यूपीडा के अधिकारी ने कही ये बात
वही इस संबंध में यूपीडा बांदा के अधिशासी अभियंता विवेक गुप्ता ने ऑफ कैमरा बताया कि कोहरे के कारण वाहन चालकों की दृश्यता और प्रतिक्रिया क्षमता दोनों प्रभावित होती हैं. ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे में बदल सकती है,उन्होंने बताया कि हादसों की रोकथाम के लिए ही यह नई गति सीमा तय की गई है.तय सीमा से ज्यादा रफ्तार में वाहन चलाने वालों को ओवर स्पीड की श्रेणी में माना जाएगा और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
ओवर स्पीड वाहनों पर ऐसे होगी कार्रवाई
इतना ही नहीं यूपीडा अब तकनीक का सहारा लेकर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में है.कोहरे में नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए टोल प्लाजा के आसपास स्पीड वॉयलेशन डिटेक्ट करने वाले हाईटेक एसवीडी कैमरे लगाए जाने की योजना तैयार की गई है.स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और जल्द ही कैमरे इंस्टॉल किए जाएंगे। इन कैमरों की मदद से निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में चलने वाले वाहनों का स्वतः चालान किया जाएगा.

