यूपीएससी 2025 के रिजल्ट को लेकर लगातार नए-नए दावे सामने आ रहे हैं, लेकिन अब दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है. बुलंदशहर की शिखा का दावा फर्जी साबित हो गया है, जिसका मतलब है कि बुलंदशहर की शिखा ने यूपीएससी क्रैक नहीं किया था. हरियाणा के रोहतक की निवासी शिखा असली अभ्यर्थी निकली है जिसने AIR-113 हासिल किया है.
शिखा ने कहा कि पीडीएफ में नाम देखकर उत्साहित हो गई थी, लेकिन बिना रोल नंबर की जांच करे परिजन को सूचना दे दी. रोहतक की शिखा ने मामले में दखल देने की UPSC से फरियाद की थी. UPSC के दखल के बाद बुलंदशहर की शिखा का दावा फर्जी साबित हुआ है.
बुलंदशहर की शिखा के पिता चपरासी बताए जा रहे हैं और बेटी की इस उपलब्धि की खबर सामने आने के बाद परिवार, रिश्तेदारों और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया था. स्थानीय स्तर पर लोगों ने इसे संघर्ष और मेहनत की बड़ी मिसाल बताते हुए जश्न मनाया, लेकिन इसी बीच दिल्ली की रहने वाली एक अन्य युवती शिखा ने भी सिविल सेवा परीक्षा में AIR-113 हासिल करने का दावा कर दिया था जिसके बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया था।
दिल्ली निवासी शिखा का इंटरव्यू लेटर और रोल नंबर से जुड़े कुछ दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसके बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया. बताया जा रहा है कि दिल्ली की शिखा फिलहाल हरियाणा में बीडीओ यानी ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर के पद पर तैनात है. सोशल मीडिया पर सामने आए दस्तावेजों के बाद दोनों दावों को लेकर बहस तेज हो गई थी और लोग यह जानने की कोशिश कर रहे थे कि आखिर AIR-113 की वास्तविक दावेदार कौन है.

