प्रयागराज में आशुतोष ब्रह्मचारी पर हमले की जिम्मेदारी लेने वाली महिला की पहचान हुई
प्रयागराज में आशुतोष ब्रह्मचारी पर हुए हमले की जिम्मेदारी लेने वाली महिला की पहचान डॉ. स्वाति अघोरी के रूप में हुई है। स्वाति अघोरी ने एक फेसबुक पोस्ट में हमले की जिम्मेदारी ली है और पुलिस को चुनौती दी है कि उन्हें गिरफ्तार करके दिखाए। यह हमला 8 मार्च को रीवा एक्सप्रेस में सिराथू स्टेशन के पास हुआ था, जहां आशुतोष ब्रह्मचारी पर धारदार हथियार से वार किया गया था।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने हमले के दौरान अपनी जान बचाने के लिए टॉयलट में खुद को बंद कर लिया था। उन्होंने बताया कि हमलावर ने उनकी नाक काटने की कोशिश की और कहा कि उन्होंने गुरु के खिलाफ केस किया है। आशुतोष ने हमले के पीछे शंकराचार्य और उनके अनुयायियों की साजिश का आरोप लगाया है।
सोशल मीडिया पोस्ट ने सबको चौंकाया
इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक पोस्ट ने सबको चौंका दिया। “डॉ. स्वाति अघोरी” नाम के फेसबुक अकाउंट से दावा किया गया कि इस हमले की जिम्मेदारी उनके लोगों ने ली है। पोस्ट में लिखा कि आशुतोष बच गए क्योंकि वे शौचालय में छिप गए, और कहा गया “बोला था न हमारे लोगों के हत्थे मत चढ़ जाना”。 स्वाति ने खुद को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की अनन्य शिष्या बताया और कहा कि वे सनातन धर्म की रक्षा के लिए काम करती हैं।
स्वाति अघोरी कौन हैं?
स्वाति उत्तराखंड के गंगोत्री क्षेत्र की रहने वाली हैं। वे खुद को अघोरी साधक, वेद-पुराण-उपनिषद की प्रवक्ता और “काल भैरव युवा वाहिनी” की राष्ट्रीय अध्यक्ष बताती हैं। उनका फेसबुक पेज काफी फॉलो किया जाता है, और वे शंकराचार्य के प्रति गहरी श्रद्धा रखती हैं। वे गौ माता और राष्ट्र माता आंदोलन में सक्रिय बताई जाती हैं।
पुलिस ने पोस्ट को गंभीरता से लिया
पुलिस ने स्वाति की पोस्ट को गंभीरता से लिया है और जांच शुरू कर दी है। वे यह पता लगा रही है कि पोस्ट असली है या नहीं, स्वाति हमले के समय कहां थीं, और क्या यह किसी संगठित साजिश का हिस्सा है। फिलहाल कोई नया मुकदमा नहीं दर्ज हुआ है, लेकिन जांच जारी है। यह मामला धार्मिक विवाद को और गहरा कर रहा है, जहां एक तरफ गंभीर आरोप हैं और दूसरी तरफ हमले की जिम्मेदारी का दावा। आशुतोष ने बदला लेने की बात कही है, जबकि शंकराचार्य पक्ष ने आरोपों को झूठा बताया है।

