Uttar Pradesh

‘बिना उड़ान के निकल गया 2025, अब 2026 से उम्मीद’, सरसावा एयरपोर्ट को लेकर क्या बोले सहारनपुर के लोग

सहारनपुर: सहारनपुर से हवाई जहाज में सफर करने का सपना आखिरकार 2025 में भी पूरा नहीं हो पाया. पीएम नरेंद्र मोदी ने सहारनपुर के सरसावा में बने नए एयरपोर्ट का 20 अक्टूबर 2024 को उद्घाटन कर दीपावली से पहले हवाई अड्डे के रूप में सहारनपुर वासियों को एक बड़ी सौगात दी थी. सरसावा एयरपोर्ट से नागरिकों के लिए उड़ान सेवा शुरू होने का शेड्यूल भी जारी किया गया था, लेकिन 2024 से अभी तक एक भी फ्लाइट उड़ान नहीं भर सकी. 2025 भी पूरा बीत गया और अब 2026 शुरू हो चुका है. लोगों को एक बार फिर से ऐसा लग रहा कि शायद फरवरी तक यहां से फ्लाइट उड़ना शुरू हो और उनको सफर और व्यापार करने में आसानी हो. जबकि सहारनपुर व्यापार की दृष्टि से यूपी का सबसे बड़ा हब माना जाता है.

हवाई अड्डा होना बहुत जरूरी

यहां पर एशिया की नंबर वन कपड़ा मार्केट है. इतना ही नहीं, यहां पर भारत देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक नक्काशी किया हुआ लकड़ी का सामान भेजा जाता है. वहीं सबसे बड़ी होजरी मंडी भी यहीं पर है. उसके बावजूद यहां पर हवाई अड्डा होना बहुत जरूरी था. जिस पर सरकार ने मोहर लगाई और सहारनपुर को पश्चिमी यूपी में हवाई अड्डे की सौगात मिलते ही लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी. हवाई अड्डा तो बनकर तैयार हो गया, लेकिन आज तक फ्लाइट उड़ान नहीं भर पाई.

2024 में जहां पीएम मोदी ने हवाई अड्डे का वर्चुअल तरीके से उद्घाटन किया था और 2025 भी निकल गया और 2026 में भी लोगों को कोई खास उम्मीद नहीं है कि यहां से कोई फ्लाइट उड़ान भर पाएगी बस लोग उम्मीद लगाए बैठे है. व्यापारियों का कहना है कि अगर फ्लाइट शुरू हो जाती तो यहां का व्यापार बढ़ता सरकार को राजस्व में बढ़ोतरी मिलती.

फ्लाइट उड़ने से व्यापार में तेजी

व्यापारी राधेश्याम नारंग ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि जिस प्रकार 2024 में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहारनपुर हवाई अड्डे का वर्चुअल उद्घाटन कर जनपद ही नहीं, आस पड़ोस के पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल, उत्तराखंड जैसे लोगों को आशा थी कि यहां से फ्लाइट उड़ेगी, तो यहां के लोगों का आवागमन बढ़ेगा, क्योंकि उत्तर भारत में सहारनपुर एक व्यापार स्थली में अपना नाम रखता है. यहां से ही लोग उत्तराखंड में प्रवेश करते हैं.

हरियाणा का भी कुछ भाग है, जो सहारनपुर से जुड़ा हुआ है. यदि फ्लाइट जल्दी-जल्दी चलती तो सहारनपुर के आसपास जनपदों का ही नहीं, सहारनपुर का भी विकास होता. व्यापार बढ़ता, क्योंकि सहारनपुर के अंदर लकड़ी उद्योग, कपड़ा उद्योग, रेडीमेड उद्योग, इस प्रकार से है कि यहां पर पूरे इंडिया से ही नहीं, विदेशों के ग्राहक यहां पर आते हैं.

2026 में है उम्मीद, मोदी जी उड़ा सकते हैं फ्लाइट

व्यापारी कृष्ण लाल अरोड़ा ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि हवाई अड्डा यहां के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि यहां पर बहुत बड़ी-बड़ी मार्केट है. अगर यहां से फ्लाइट उड़ती है, सभी जगह की तो यहां का बिजनेस भी और बढ़ेगा. साथ ही लोगों का आना-जाना भी होगा. अब बिना फ्लाइट उड़े ही उद्घाटन हुआ और 2024 के बाद से 2025 भी चला गया, अब 2026 शुरू हो चुका है. अब उम्मीद ही लगाई जा सकती है कि यहां पर फ्लाइट भेजी जाती है या फिर उम्मीद ही लगाई जा सकती है. जबकि हमें अगर कहीं पर अपना व्यापार करने के लिए जाना हो, तो हमें यहां से दिल्ली या चंडीगढ़ जाना पड़ता है, तब वहां से फ्लाइट मिलती है. इसलिए हम लोग चाहते हैं कि जितना ज्यादा जल्दी हो, यहां से फ्लाइट उड़े और लोगों का काम भी बढ़ेगा.

फ्लाइट उड़ने की उम्मीद कम

प्रमोद आहूजा ने बताया कि अगर सहारनपुर से जल्द फ्लाइट की सुविधा हो, तो यहां से धार्मिक यात्रा करना भी आसान हो जाएगा. सहारनपुर से वृंदावन, अयोध्या, काशी और मां वैष्णो जम्मू के लिए फ्लाइट की सुविधा होनी चाहिए, जिससे यहां के लोगों को उसका अच्छा लाभ मिल सके. 2025 भी ऐसे ही बीती है, अब 2026 शुरू हो चुका है और हम लोगों को उम्मीद है कि शायद इस बार फ्लाइट उड़ सके.

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