बहराइच की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अब घर पर बिना किसी केमिकल के स्वादिष्ट सूरन का अचार बना रही हैं। इसे बनाने में खास ध्यान सूरन को “गला पकड़ने” से बचाने पर दिया जाता है। सूरन को पहले उबाला जाता है, फिर सरसों के तेल में फ्राई करके मसालों के साथ तैयार किया जाता है। यह अचार तीन-चार महीने तक सुरक्षित रहता है और पेट की सफाई व पाइल्स में भी फायदेमंद माना जाता है।
बहराइच में दूरसंचार ऑफिस के पास श्री श्याम स्वयं सहायता समूह की दुकान से इसे खरीदा जा सकता है। इस अचार की विशेषता यह है कि इसमें किसी भी तरह के केमिकल या पेस्टिसाइड का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, जो पूर्ण रूप से शुद्ध होते हैं।
सूरन का अचार बनाने की विधि बहुत ही आसान है। सबसे पहले सूरन का चुनाव करें और इसकी अच्छी तरह सफाई करें। इसके बाद इसे अमरूद की पत्ती या आंवले के पानी में उबालें। इससे इसमें गला पकड़ने की समस्या खत्म हो जाती है। उबालने के बाद सूरन के छोटे-छोटे टुकड़े कर लें, आप चाहें तो इसे कद्दूकस भी कर सकते हैं।
इसके बाद बारी आती है इसे सरसों के तेल में फ्राई करने की, सरसों के तेल में फ्राई करने के बाद इसे निकाल लें और आवश्यकता अनुसार इसमें कलौंजी, सौंफ, काला नमक, अजवाइन, खट्टा करने के लिए आमचूर पाउडर, सरसों के दाने, हरी या लाल मिर्च आदि सामग्री मिलाकर अचार तैयार कर लें।
इस तरह आप घर पर ही सूरन का अचार बड़ी आसानी से तैयार कर सकते हैं और इसे तीन से चार महीने तक रखकर बड़े आराम से खा सकते हैं। अचार बेचने वाले रवि जी बताते हैं कि सूरन का अचार कई बीमारियों में भी काम आता है, खासकर पाइल्स और पेट की सफाई में, इसलिए इसका सेवन बवासीर वाले बड़े आसानी से कर सकते हैं।
लेकिन ऐसे लोगों को अचार में आमचूर पाउडर सीमित मात्रा में ही डालना चाहिए। अधिक खट्टा होने पर यह नुकसानदायक हो सकता है। यदि आप यह आचार बनाकर खरीदना चाहते हैं, तो श्री श्याम स्वयं सहायता समूह की दुकान पर जाकर खरीद सकते हैं।

