Uttar Pradesh

Bhimrao Ramji, Ambedkar Jayanti: वायसरॉय की पत्‍नी ने आंबेडकर को लिखा पत्र, कहा-वह खुश हैं कि…

Last Updated:April 14, 2025, 09:40 ISTAmbedkar Jayanti: डॉ. भीमराव अंबेडकर को संविधान सभा की प्रारूप समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था. उसके बाद तत्‍कालीन वायसरॉय माउंटबेटन की पत्‍नी एडविना माउंटबेटन ने 1947 में आंबेडकर को एक पत्र लिखा था.Ambedkar Jayanti: भीमराव आंबेडकर के प्रारूप समिति का अध्‍यक्ष बनने का जताई थी खुशी.हाइलाइट्सडॉ. अंबेडकर को प्रारूप समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया.एडविना माउंटबेटन ने अंबेडकर को पत्र लिखा.अंबेडकर ने संविधान निर्माण में अहम भूमिका निभाई.Ambedkar Jayanti: डॉ. भीमराव अंबेडकर को संविधान निर्माता कहा जाता है.डॉ. भीमराव अंबेडकर को संविधान सभा की प्रारूप समिति का अध्‍यक्ष नियुक्‍त किया गया था. इस समिति का काम भारत के संविधान का मसौदा तैयार करना था. यह सात सदस्‍यों की समिति थी.जिसमें आंबेडकर के अलावा कन्‍हैयालाल मुंशी,गोपाल स्वामी अय्यंगार, मोहम्‍मद सादुल्‍लाह, अल्लादि कृष्णस्वामी अय्यर, एन. माधव राव और टीटी कृष्णामचारी आदि शामिल थे. संविधान प्रारूप समिति ने संविधान सभा के सामने भारतीय संविधान का मसौदा पेश किया. जब इस समिति ने ड्राफ्ट पेश किया, तो इसमें लगभग 7500 से अधिक संशोधन के सुझाव दिए गए, जिसमें से लगभग 2500 सुझाव माने भी गए.

क्‍या लिखा वायसरॉय की पत्‍नी ने?बीबीसी ने अशोक गोपाल की किताब ए पार्ट अपार्ट:द लाइफ एंड थॉट ऑफ बीआर आंबेडकर के हवाले से एक रिपोर्ट छापी है. जिसमें एक घटना का जिक्र किया गया है, जिसमें बताया गया है कि वायसरॉय माउंटबेटन की पत्नी एडविना माउंटबेटन ने भीमराव आंबेडकर को एक लेटर लिखा था. इस लेटर में  उन्‍होंने उनकी संविधान निर्माण में भूमिका की सराहना की थी. इस पुस्‍तक में बताया गया है कि यह पत्र 1947 में लिखा गया था, जब भीमराव अंबेडकर संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष चुने गए थे. इस पत्र में एडविना ने आंबेडकर के अध्‍यक्ष चुने जाने पर खुशी जाहिर की थी. उन्‍होंने लिखा था कि वह व्यक्तिगत रूप से खुश हैं कि अंबेडकर संविधान निर्माण की देखरेख कर रहे है. इसके कारण में एडविना ने आंबेडकर को हर वर्ग और समुदाय को समान न्याय देने वाला एकमात्र व्यक्ति बताया था. अपने लेटर में एडविना माउंटबेटन ने अंबेडकर को एक ऐसा प्रतिभाशाली व्यक्ति बताया था, जो भारत के लिए एक निष्पक्ष और समावेशी संविधान बना सकते हैं.

आंबेडकर ने निभाई अहम भूमिकाजब संविधान सभा के प्रारूप बनाने की बात आई और इसकी समिति का गठन किया गया तो इसके बाद इसे पूरा करने की पूरी जिम्‍मेदारी भीमराव आंबेडकर पर आ गई समिति में थे तो सात सदस्‍य लेकिन आंबेडकर को छोडकर बाकी अन्‍य सदस्‍य अपनी अपनी व्‍यवस्‍तताओं के कारण भरपूर समय नहीं दे पा रहे थे इस घटना का जिक्र खुद इस समिति के सदस्‍य टी.टी कृष्णामचारी ने संविधान सभा की बैठक में किया था.टी.टी कृष्णामचारी ने 1948 में हुई संविधान सभा की बैठक में कहा कि कमेटी के अधिकतर सदस्‍य ‘मृत्यु, बीमारी और अन्य व्यस्तताओं’ की वजह से मसौदा तैयार करने में पर्याप्‍त समय नहीं दे पाए.जिसकी वजह से संविधान का प्रारूप तैयार करने की जम्‍मेदारी आंबेडकर पर आ पड़ी.
First Published :April 14, 2025, 09:38 ISThomecareerAmbedkar Jayanti: वायसरॉय की पत्‍नी ने आंबेडकर को लिखा पत्र, कहा-वह खुश हैं..

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