Indian Football: फुटबॉल दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल है. इस बार फीफा वर्ल्ड कप 2022 कतर में खेला जाएगा. फुटबॉल के इस महाकुंभ के लिए सभी फैंस बहुत ही ज्यादा उत्साहित हैं. इस बार फीफा में 32 टीमें भाग ले रही हैं. लेकिन भारतीय फैंस फीफा वर्ल्ड कप के लिए ज्यादा रोमांचित नहीं है. भारत फीफा वर्ल्ड कप में भाग नहीं ले रहा है. लेकिन आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि एक बार टीम इंडिया को फीफा वर्ल्ड कप में भाग लेने का मौका मिला था, लेकिन टीम इंडिया ने हिस्सा नहीं लिया. आइए जानते हैं, भारत ने क्यों ऐसा किया?
1950 में भारत के पास था मौका
1950 फीफा वर्ल्ड कप के लिए भारतीय फुटबॉल टीम ने क्वालीफाई कर लिया था. फीफा ने 1950 वर्ल्ड कप के लिए फिलीपिंस, इंडोनेशिया, बर्मा और भारत समेत कुल चार एशियाई टीमों को वर्ल्ड कप के लिए न्योता दिया था. फिलीपिंस, इंडोनेशिया और बर्मा ने क्वालीफिकेशन राउंड शुरू होने से पहले नाम वापस ले लिया था. इस कारण भारतीय टीम को जगह मिल गई, लेकिन टीम इंडिया ने खेलने से मना कर दिया.
इन वजहों से भारत ने नहीं लिया था भाग
कई मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात की जानकारी है कि 1950 के दशक में भारतीय टीम नंगे पैर मैदान पर फुटबॉल खेलती थी. इसी वजह से टीम इंडिया वहां भाग नहीं ले पाई. वहीं, तब भारतीय फुटबॉल संघ आर्थिक रूप से इतना सशक्त नहीं था. भारतीय टीम के पास ब्राजील जाने के पैसे नहीं थे और फीफा भारत की ट्रिप का खर्च नहीं उठाना चाहता था. इसी कारण से टीम इंडिया ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में भाग नहीं लिया. उसके बाद से आज तक भारत फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाया है.
भारत की है बेहद खराब रैंकिंग
1950 के बाद से ही भारतीय फुटबॉल धरातल की ओर बढ़ी है. 1950 के बाद भारत एक बार भी फुटबॉल वर्ल्ड कप नहीं खेल पाया है. भारतीय टीम की फीफा रैंकिंग भी बहुत ही ज्यादा खराब है. भारत टॉप-100 देशों में भी शामिल नहीं है. फुटबॉल में भारत की रैंकिंग 106 है.
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