आजमगढ़: सरकार ने श्रमिकों के लिए बड़ी खुशखबरी दी है. सरकार ने मातृत्व शिशु और बालिका मदद योजना का संचालन किया है, जिसके तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को संतान के जन्म पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है. इस योजना के तहत श्रमिकों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य मिल सकेगा, जिससे उनका रहन-सहन और जनजीवन आसान होगा.
इस योजना के तहत पंजीकृत पुरुष श्रमिकों को बच्चों के जन्म पर 6000 रुपए एक मुश्त की राशि दी जाती है. वहीं महिला श्रमिकों को यदि अस्पताल में प्रसव होता है, तो उसे 3 माह के न्यूनतम वेतन के बराबर की धनराशि के साथ 1000 रुपए चिकित्सा बोनस भी दिया जाता है. इस योजना की सबसे खास बात यह है कि बेटियों के जन्म पर अधिक राशि उपलब्ध कराई जाती है. महिला कामगार को बेटी के जन्म पर 25000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है, जबकि बेटे के जन्म पर 20000 रुपए की आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाती है.
इसके अलावा यदि पहली संतान बेटी है, दूसरी भी बेटी है या कानूनी रूप से गोद ली गई बालिका है, तो भी 25000 रुपए की धनराशि जमा करने का प्रावधान है. इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए श्रमिक की उम्र 18 वर्ष से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए. पिछले 12 महीने में कम से कम 90 तक का निर्माण कार्य किया जाना अनिवार्य है.
यहां करना होगा ऑनलाइन आवेदन कामगार श्रमिक इस योजना का लाभ लेने के लिए श्रम विभाग में अपना पंजीकरण कर सकते हैं. इसके लिए वह अपने आधार कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो के साथ-साथ जन सेवा केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. पंजीकरण के तौर पर 20 रुपए सालाना का अंशदान भी रखा गया है, जो एक साथ 3 साल के लिए 60 रुपए जमा करना होगा. इसके अलावा इच्छुक उम्मीदवार चाहे तो www.upbocw.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते है.

