Uttar Pradesh

बेटा IAS और डॉक्टर-इंजीनियर, पिता 63 साल से लोगों को फ्री में खिला रहे घर जैसा खान, तारीफ करते हैं लोग



कृष्ण गोपाल द्विवेदी/बस्ती: कहते हैं मानवता की सेवा करने वालों के हाथ उतने ही लंबे होते हैं जितने की परमात्मा के, एक ऐसा ही नजारा बस्ती जनपद में देखने को मिल रहा है. यहां एक ऐसे 80 वर्षीय बुजुर्ग हैं जो पिछले 63 सालों से लोगों को फ्री में भोजन करा रहे हैं. खास बात ये है कि ये भोजनालय बस्ती जनपद के सबसे पॉश इलाके गांधी नगर में स्थित है. पैसे और ग्लैमर से भरपूर इस बाजार में यह मिश्रा भोजनालय आज भी अपने सादगी के लिए जाना जाता है.

इस मिश्रा भोजनालय की स्थापना 1960 में हुआ था, तब से यह भोजनालय लोगों की पेट सेवा करता चला आ रहा है. हालांकि इस भोजनालय में रेट तो हैं वो भी मात्र 80 रुपये है. लेकिन जिसका मन करे वो दे जिसका न करे वो न दे…. यानी पैसे देना कोई जरूरी नहीं है. जो भी आता है उसको चार रोटी, दो प्रकार की सब्जी, घी में फ्राई दाल, चावल, अचार और सलाद दिया जाता है.

जरूरतमंदों को खिलाया जाता है भोजनभोजनालय संचालक जगदीश नारायण ने बताया कि उनका पहला लक्ष्य है लोगों को स्वास्थ्य रखने के लिए उचित भोजन मुहैया कराया जाए. मेरा काम पैसे कमाना नहीं है जिसका मन करता है वो देता है नहीं करता तो नहीं देता. इन्होंने आगे बताया कि उनके पांच लड़के हैं. जिसमे एक आईईएस, तो कोई एम्स में डॉक्टर, कोई इंजीनियर, कोई मैनेजर आदि पदों पर हैं पोस्टेड हैं. लोग यहां पर बड़े चाव के साथ भोजन करते किसी भी समय मिल जाएंगे. यह रसोई शहर में काम करने वाले मजदूर वर्ग के लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है.

कुछ लोगों के लिए बिल्कुल फ्रीखाना खाने आए अनिल कुमार पाण्डेय ने बताया कि मैं विगत तीन सालों से यहां पर दोपहर और रात का भोजन कर रहा हूं लेकिन काफी होटल मालिक द्वारा मुझसे जबरदस्ती पैसे नहीं मांगे गए. अगर होता है तो दे देता हूं नहीं तो नही देता. यहां का भोजन इतना स्वादिष्ट और हेल्दी है की ऐसा लगता है जैसे घर का खाना हो.
.FIRST PUBLISHED : November 12, 2023, 10:12 IST



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