बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले स्टार भारतीय पेसर जसप्रीत बुमराह की ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज रिकी पोंटिंग ने जमकर तारीफ की है. पोंटिंग ने बुमराह को अब तक का सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजी प्रदर्शन करने वाला बॉलर कहा है. भारत के बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 1-3 से हारने के बावजूद आईसीसी हॉल ऑफ फेमर रिकी पोंटिंग का मानना है कि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का प्रदर्शन न केवल ऑस्ट्रेलिया में किसी मेहमान गेंदबाज द्वारा देखा गया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है, बल्कि शायद यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजी प्रदर्शन भी है.
‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ बने बुमराह
31 साल के भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को उनकी शानदार गेंदबाजी और सबसे ज्यादा विकेट लेने के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया. उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को गंभीर रूप से परेशान किया. बुमराह ने पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में 32 विकेट लेकर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज के रूप में सीरीज का समापन किया. अपने शानदार प्रदर्शन के दौरान बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया में किसी भारतीय द्वारा सर्वाधिक टेस्ट विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाने के लिए पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव को भी पीछे छोड़ दिया. बुमराह के नाम 17.15 की औसत से 64 विकेट हैं, जबकि कपिल देव ने 24.58 की औसत से 51 विकेट लिए थे.
पोंटिंग ने खुलकर की तारीफ
आईसीसी ने रविवार को पोंटिंग के हवाले से कहा, ‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह शायद तेज गेंदबाजी की सबसे अच्छी सीरीज है, जो मैंने कभी देखी है. हां, इस सीरीज के अधिकांश समय में उनके पास अच्छी परिस्थितियां थीं, तेज गेंदबाजों के लिए. लेकिन जब आपने उन्हें (बुमराह) सीरीज में किसी और की तुलना में गेंदबाजी करते देखा, तो उन्होंने बल्लेबाजी को बहुत कठिन बना दिया.’ इस पूर्व कप्तान ने आगे कहा, ‘ऑस्ट्रेलियाई शीर्ष क्रम ने भी बहुत अच्छी बल्लेबाजी है, लेकिन उन्होंने अलग-अलग समय पर सभी को बेवकूफ बना दिया.’
बुमराह की रिकॉर्डतोड़ बॉलिंग
बुमराह ने बिशन सिंह बेदी के 31 विकेटों के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज में भारत के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए. हालांकि, पीठ में ऐंठन के लिए स्कैन कराने के लिए सिडनी टेस्ट में दूसरे दिन मैदान छोड़ने के बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में गेंदबाजी नहीं की. बुमराह ने मैच के बाद प्रेजेंटेशन में कहा, ‘थोड़ा निराशाजनक है, लेकिन कभी-कभी आपको अपने शरीर का सम्मान करना पड़ता है और आप अपने शरीर से नहीं लड़ सकते. कभी-कभी आपको स्वीकार करना पड़ता है. सीरीज के सबसे मजेदार विकेट पर गेंदबाजी करना अच्छा लगता. पहली पारी के बाद बस थोड़ी असहजता थी.’
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