Uttar Pradesh

Belly Button Lint: क्या आपकी नाभि में भी जमा होती है रुई? जानिये इसके पीछे की वजह और इलाज

Last Updated:January 08, 2026, 12:27 ISTअक्सर लोग नाभि में जमा होने वाली रुई (Belly Button Lint) को लेकर असमंजस में रहते हैं. असल में यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि कपड़ों के रेशों, मृत कोशिकाओं (Dead Cells) और पसीने के मेल से बनने वाली एक सामान्य प्रक्रिया है. वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि पेट के बाल इन रेशों को नाभि की ओर खींचते हैं. इस आर्टिकल में विस्तार से जानें कि नाभि में रुई क्यों जमा होती है, इसके पीछे का विज्ञान क्या है और किन स्थितियों में यह इन्फेक्शन का संकेत हो सकती है. साथ ही, बेहतर व्यक्तिगत स्वच्छता (Personal Hygiene) के लिए कुछ जरूरी टिप्स. नाभि में रुई आना ज्यादातर कपड़ों के रेशों की वजह से होता है. खासकर सूती (कॉटन) कपड़े पहनने पर, पेट के बाल और त्वचा के बीच होने वाले घर्षण से रेशे टूटकर नाभि में जमा हो जाते हैं. वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि पेट के बाल इन रेशों को “हुक” की तरह पकड़कर नाभि की ओर खींचते हैं. यह कोई बीमारी नहीं बल्कि एक प्राकृतिक प्रक्रिया है. हालांकि, रोजाना सफाई करने से यह समस्या काफी हद तक कम हो सकती है और घबराने की कोई जरूरत नहीं होती. नाभि शरीर का वह हिस्सा है जहां पसीना, धूल और मृत त्वचा (Dead Skin) आसानी से जमा हो सकती है. यदि रोजाना सफाई न की जाए, तो यह सब मिलकर रुई जैसी गंदगी का रूप ले लेते हैं. गर्मी के मौसम में, मोटापे से ग्रसित लोगों में और अधिक पसीना आने वालों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है. नहाते समय नाभि को हल्के हाथ से साफ करना और बाद में अच्छी तरह सुखाना बेहद जरूरी है. साफ-सफाई से न सिर्फ रुई बनना रुकता है बल्कि इन्फेक्शन का खतरा भी कम होता है. हमारी त्वचा से रोजाना मृत कोशिकाएं (Dead Skin Cells) निकलती रहती हैं. ये डेड सेल्स पसीने और कपड़ों के रेशों के साथ मिलकर नाभि में इकट्ठा हो जाते हैं, जो देखने में रुई जैसी लगती हैं. यह पूरी तरह सामान्य प्रक्रिया है. उनमें डेड सेल्स (मृत कोशिकाएं) ज्यादा झड़ते हैं, जिससे यह समस्या बढ़ सकती है. नियमित मॉइस्चराइजिंग और नियमित सफाई से इसे कम किया जा सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google टाइट कपड़े, मोटे कॉटन फैब्रिक और दिनभर बैठकर काम करने की आदत नाभि में रुई बनने की समस्या को बढ़ा देती है. टाइट कपड़ों से घर्षण ज्यादा होता है, जिससे रेशे जल्दी टूटते हैं. ढीले कपड़े पहनना, सिंथेटिक या मिक्स फैब्रिक का चुनाव करना इस समस्या को कम कर सकता है. इसके अलावा रोज़ नहाना और कपड़े बदलना भी जरूरी है. लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव इस आम परेशानी से राहत दिला सकते हैं. अधिकतर मामलों में नाभि में रुई आना किसी बीमारी का संकेत नहीं होता. लेकिन अगर इसके साथ बदबू, खुजली, दर्द, लालिमा या स्राव हो तो यह इन्फेक्शन का लक्षण हो सकता है. मधुमेह (डायबिटीज) या कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को इस मामले में अधिक सतर्क रहना चाहिए. ऐसे लक्षण दिखें तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है. नाभि में रुई से बचाव के लिए रोज हल्के साबुन से सफाई करें और नहाने के बाद नाभि को अच्छी तरह सुखाएं. नुकीली या कठोर चीज़ों से नाभि न कुरेदें, इससे चोट या इन्फेक्शन हो सकता है. ढीले कपड़े पहनें और पसीना ज्यादा आने पर कपड़े बदलें. जरूरत पड़ने पर साफ रुई या कपड़े से हल्के हाथ से सफाई करें. सही देखभाल से यह सामान्य समस्या अपने-आप नियंत्रण में रहती है.न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :January 08, 2026, 12:27 ISThomeuttar-pradeshक्या आपकी नाभि में भी जमा होती है रुई? जानिये इसके पीछे की वजह

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