लखीमपुर खीरी में अब पशुओं के लिए आधुनिक जिला अस्पताल का निर्माण किया जाएगा। यह जिला अस्पताल पशुओं के इलाज के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा, जिससे पशुओं को बेहतर तरीके से इलाज मिल सकेगा। इस जिला अस्पताल में इमरजेंसी से लेकर सर्जरी तक की सुविधा उपलब्ध होगी।
भारत एक कृषि प्रधान देश है, और किसान अपनी आजीविका को चलाने के लिए पशुपालन पर अधिक जोर दे रहे हैं। पशुपालन विभाग की ओर से पशुपालन करने के लिए युवाओं और किसानों को अनुदान भी दिया जा रहा है। लेकिन बदलते मौसम और रख-रखाव जानकारी के अभाव के कारण कई बार पशु बीमार हो जाते हैं। ऐसे में सही तरीके से पशुओं का इलाज नहीं हो पाता है, जिससे पशुओं की मृत्यु भी हो जाती है। इस कारण किसानों का आर्थिक नुकसान होता है।
लखीमपुर खीरी जिले में पशुओं के लिए जिला अस्पताल बनाने का निर्णय केंद्र सरकार की ओर से लिया गया है। सूबे के 22 जिलों में आधुनिक पशु जिला अस्पताल स्थापित किए जाने हैं, जिसमें से लखीमपुर खीरी जिले को भी शामिल किया गया है। शहर के पशु चिकित्सालय को 24 करोड़ रुपए से हाईटेक पंडित दीनदयाल उपाध्याय शताब्दी पशु चिकित्सालय बनाया जाएगा।
पशुपालकों को नहीं होगी दिक्कत
लोकल 18 से बातचीत करते हुए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर दिनेश सचान ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में करीब 18 लाख से अधिक पशुधन है। ग्रामीण क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पशुपालन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कई बार जटिल बीमारियों और सर्जरी के लिए पशुपालकों को अन्य जिलों का रुख करना पड़ता था, जिससे उन्हें काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता था। अब खीरी जिले में आधुनिक तरीके से पशुओं का अस्पताल बनने जा रहा है, जिससे पशुपालकों को कोई दिक्कत नहीं होगी।
इमरजेंसी से लेकर सर्जरी तक की रहेगी सुविधा
पशुओं के जिला अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर, दवा भंडार, आधुनिक प्रयोगशाला, अल्ट्रासाउंड और रक्त प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध होगी। जटिल सर्जरी के लिए विशेषज्ञ सर्जन और स्टाफ होंगे। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी दिनेश सचान ने जानकारी देते हुए बताया कि बीमार पशु की अब जांच भी कराई जाएगी। जांच में पता चलेगा कि किस जानवर को कौन सी बीमारी है और उसी हिसाब से उस पशु का ट्रीटमेंट किया जाएगा।

