फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में रहने वाले गौरव प्रताप सिंह ने पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी न मिलने पर बकरी पालन का व्यवसाय शुरू किया. उन्होंने सरकारी योजना का लाभ उठाकर 50 लाख रुपए का अनुदान प्राप्त किया और एक करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट के तहत 500 बकरियों के साथ काम शुरू किया. दूध और मेमडी बेचकर वे हर साल लगभग 50 लाख रुपए की आमदनी कमाते हैं. बच्चों की परवरिश के साथ व्यापार भी अच्छा चल रहा है, और त्यौहारों पर बकरियों की बिक्री से अतिरिक्त लाभ होता है.
फिरोजाबाद में एक युवा ने पढ़ लिखकर बिजनेस से अपनी तकदीर को बदल दिया है. जी हां, फिरोजाबाद में रहने वाले युवा ने गोट फार्मिंग का बिजनेस शुरू किया है और उसके साथ ही उसने सरकारी योजना का लाभ लेते हुए एक बड़े प्रोजेक्ट के रूप में इस व्यापार को शुरू कर दिया है. युवा ने अपनी जमीन पर बड़े फर्म के साथ इसकी शुरुआत की है और इससे हर महीने लाखों की इनकम हो रही है.
टीईटी पास करने के बाद शुरू किया बकरी पालन
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में रहने वाले बिजनेसमैन गौरव प्रताप सिंह ने लोकल 18 से बातचीत करते हुए बताया कि उन्होंने पहले बीएड की पढ़ाई करने के बाद टीईटी की परीक्षा पास की, लेकिन जब उन्हें नौकरी नहीं मिली तो बिजनेस करने का प्लान बनाया. इसके साथ ही उन्हें पता चला कि बकरी पालन पर सरकार अच्छी सब्सिडी दे रही है, तो इसके लिए उन्होंने तुरंत पशुपालन विभाग में आवेदन किया. आवेदन करने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी हुई और उनको सरकार द्वारा 50 लाख रुपए का अनुदान मिला. इसके साथ उन्होंने एक करोड रुपए के प्रोजेक्ट से बकरी पालन शुरू किया. उनके यहां लगभग 500 बकरियां हैं, जिनसे उन्हें काफी कमाई भी हो रही है. वहीं उन्होंने बताया कि बकरियों के साथ-साथ बच्चों को भी पालते हैं, जिससे उनका व्यापार काफी अच्छा चल रहा है.
50 लाख रुपए साल का है टर्नओवर
बकरी पालन करने वाले व्यापारी ने बताया कि वह इसके साथ-साथ दूध को भी बेचते हैं और इससे भी उनकी काफी अच्छी बचत होती है. वहीं बकरियों की मेमडी बेचकर भी उन्हें हर महीने अच्छी बचत हो जाती है. ईद और अन्य त्यौहारों पर बकरों की भी अच्छी बिक्री होती है. व्यापारी ने बताया कि एक ट्राली मेमडी की कीमत लगभग 3 हजार रुपए है. इस बकरी पालन से उनकी 50 लाख रुपए हर साल की कमाई होती है.

