03 डॉक्टर पल्लव ने बताया कि, बच्चों का जीवन काल कफ प्रधान होता है, जिसमें वे सांस संबंधी रोगों जैसे खांसी, अस्थमा और निमोनिया से ग्रस्त हो सकते हैं. ऐसे में शहद का उपयोग उनके लिए बहुत फायदेमंद होता है, खासकर जब इसे आयुर्वेदिक दवाओं के साथ मिलाकर दिया जाता है. ये दवाएं सांस की समस्याओं को ठीक करने में मदद करती हैं.
नारा देवांश ने यूट्यूब पर डायनो डीट्स पॉडकास्ट लॉन्च किया
रविवार को मंत्री नारा लोकेश के बेटे नारा देवांश ने अपना यूट्यूब चैनल ‘डायनो डीट्स’ लॉन्च किया। इस…

