Uttar Pradesh

बच्चों में दिख रही कमजोरी और चिड़चिड़ापन? तो इन आयुर्वेदिक उपायों से बनाएं Fit and Fine, जानें कैसे

03 डॉक्टर पल्लव ने बताया कि, बच्चों का जीवन काल कफ प्रधान होता है, जिसमें वे सांस संबंधी रोगों जैसे खांसी, अस्थमा और निमोनिया से ग्रस्त हो सकते हैं. ऐसे में शहद का उपयोग उनके लिए बहुत फायदेमंद होता है, खासकर जब इसे आयुर्वेदिक दवाओं के साथ मिलाकर दिया जाता है. ये दवाएं सांस की समस्याओं को ठीक करने में मदद करती हैं.

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