Uttar Pradesh

बच्चों में दिख रहे ये लक्षण, न करें नजरअंदाज, बन सकता घातक, लोगो को किया जा रहा है जागरूक

Last Updated:January 11, 2026, 16:40 ISTAmethi news: पोलियो बीमारी को लेकर जागरूकता तो की जाती है लेकिन अक्सर हम इस बीमारी के लक्षण को पहचान नहीं पाते जो हमारे लिए बाद में घातक हो जाता है. अब ऐसे में आज की जानकारी में हम जानेंगे कि पोलियो कैसे होती है और इससे क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं.ख़बरें फटाफटअमेठी: वैसे तो पोलियो बीमारी पूरे भारत से जा चुकी है लेकिन यह बीमारी फिर से अपने पांव न पसार ले इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारी में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है.  प्रदेश के 30 जनपदों में शामिल अमेठी भी पोलियो मुक्त अभियान में शामिल है.  स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शून्य से पांच वर्ष तक का कोई भी बच्चा इस सुरक्षा चक्र से छूटने न पाए.

पोलियो बीमारी के ये हैं लक्षण

पोलियो बीमारी को लेकर जागरूकता तो की जाती है लेकिन अक्सर हम इस बीमारी के लक्षण को पहचान नहीं पाते जो हमारे लिए बाद में घातक हो जाता है. अब ऐसे में आज की जानकारी में हम जानेंगे कि पोलियो कैसे होती है और इससे क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं. आपको बता दें कि पोलियो एक खतरनाक वायरस है जो तंत्रिका तंत्र पर हमला करता है. इसके शुरुआती लक्षण सामान्य लग सकते हैं, लेकिन ये गंभीर पैरालिसिस (लकवा) का रूप ले सकते हैं. इन लक्षणों में तेज बुखार आनें के बाद  अचानक शरीर का तापमान बढ़ना पैरों में जकड़न, मांसपेशियों में खिंचाव और चलने-फिरने में कठिनाई के साथ  हाथ-पैरों और बदन में लगातार दर्द महसूस होना इसकें प्रमुख लक्षणों में शामिल है जिसके कारण यदि हमने समय पर इन लक्षणों को ध्यान ना दिया और नजरअंदाज किया तो जिंदगी भर के लिए पछताना पड़ सकता है.

सीएमओ ने की अपील

​अमेठी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि जिले के 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) पर इस अभियान को लेकर वृहद स्तर पर जन जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के भ्रम या परहेज में न आएं. अक्सर देखा गया है कि कुछ लोग मामूली कारणों से बच्चों को दवा पिलाने से कतराते हैं, लेकिन यह लापरवाही बच्चे के भविष्य को खतरे में डाल सकती है.​

उन्होंने अभिभावकों से यह भी अपील की है कि वह अपने बच्चों को पोलियों की खुराक पिलाए इसके साथ ही बताएं तारीखों का ध्यान रखें जिसमें टीकाकरण बेहद आवश्यक है. उन्होंने कहा कि अमेठी स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए घर-घर जाने वाली टीमों का गठन किया है। बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर भी बूथ बनाए गए हैं ताकि सफर कर रहे बच्चों को भी दवा पिलाई जा सके.About the AuthorRajneesh Kumar Yadavमैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ेंLocation :Amethi,Lucknow,Uttar PradeshFirst Published :January 11, 2026, 16:40 ISThomeuttar-pradeshबच्चों में दिख रहे ये लक्षण, न करें नजरअंदाज, बन सकता घातक

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