Uttar Pradesh

Bareilly News : खतरों का खेल जारी, जान जोखिम में डालकर नदी से सिक्के निकाल रहे बच्चे, जानिए पूरा माजरा



रिपोर्ट : अंश कुमार माथुर

बरेली. रामगंगा नदी के घाट पर महज 10 से 12 साल की उम्र के यह बच्चे अक्सर देखने को मिलते है.इन बच्चों के हाथ में लंबी-लंबी रस्सियों से बंधीं मैग्नेट रहती है.इन मैग्नेटों से ही यह बच्चे पुल के किनारे खड़े होकर दिनभर वहां से गुजरने वाले राहगीरों का इंतजार करते नजर आते है.तो वहीं कुछ बच्चें रामगंगा नदी के अंदर लगातार तैरते रहकर पुल के ऊपर से गुजरने वाली ट्रेनों को देखते रहते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार प्राचीन काल से ही नदियों में सिक्के चढ़ाने की परंपरा रही है.

बताया यह भी जाता है उस समय तांबे के सिक्के प्रचलन में हुआ करते थे.तभी से पानी के प्यूरिफिकेशन के लिए नदियों और जलाशयों में सिक्के चढ़ाने की प्रथा चलन में आयी.जिसके चलते ही आज भी सिक्के चढ़ाने की परंपरा अपनाई जा रही है.आज चलन में तांबे के सिक्के तो नहीं है पंरतु फिर भी लोगों के द्वारा सिक्के चढ़ाए जाते है.

सिक्कों के लिए जान का जोखिमरामगंगा पुल से गुजरने वाले राहगीरों द्वारा चढ़ाएं गये सिक्कों को लंबी रस्सी में बंधीं मैग्नेट से चिपकाने की कोशिश रामगंगा में तैरेने लग जाते हैं.इनमें कुछ मैग्नेट की सहायता से तो कुछ सीधे ही रामगंगा की तलहटी तक तैरते हुए जाकर सिक्के निकाल लाते हैं.इसी तरह से दिन भर रामगंगा नदी के तट पर आसपास के गांव के बच्चे सिक्कों के लिए राहगीरों का इंतजार करते हुए नजर आते है.

मजबूरी में करना पड़ता है कामछोटी उम्र में ही यह बच्चे बन गये है गजब के तैराकदिनभर की कड़ी मेहनत के बाद यह सिक्के इन बच्चों के हाथ लग पाते है.इस तरह चाहे कड़ाके की ठंड हो या फिर तपती दोपहरी या फिर पानी का तेज बहाव इन बच्चों को रोक नहीं पाता है.हर मौसम में बच्चे यहां सिक्के पाने की चाह में लगे नजर आते है.सुबह से लेकर शाम तक कड़ी मेहनत करते हैं.लेकिन कमाई सिर्फ 20 से 30 रुपए ही हो पाती है और बड़े बच्चे यहीं से 200 से 300 रुपए तक गंगा से निकालकर ले जाते हैं.राम गंगा घाट के आस-पास के गांव में रहने वाले परिवारों का मुख्य काम पालेज है. लेकिन यह पैदावार सीजन के सीजन में ही होती है.तब तक यहां के लोग मजदूरी व गोताखोरी कर अपने परिवार का गुजारा करते हैं.उनके बच्चे भी स्कूल में पढ़ने के बदले में एक दो रुपए के सिक्के रामगंगा से ढूंढ़ते नजर आते हैं.जिस उम्र में बच्चे सही दौड़ नहीं पाते उस उम्र में यह छोटे-छोटे बच्चे कमाल की तैराक बन गए हैं.दिनभर गंगा के घाट पर गहरे पानी में जान जोखिम में डालकर यह इसी तरह सिक्के खोजते नजर आते हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|Tags: Bareilly news, Uttar Pradesh News HindiFIRST PUBLISHED : March 30, 2023, 23:17 IST



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