Uttar Pradesh

Barabanki News: खेत में चल रहा था थ्रेशर, पूजा के दिमाग का चल गया इंजन… और बना दिया ऐसा इन्वेंशन कि मिल गया ‘जापान का टिकट’

Last Updated:May 25, 2025, 20:11 ISTBaraBanki Latest News: बाराबंकी की पूजा ने गरीबी को मात देकर ‘धूल रहित थ्रेशर’ मॉडल बनाया, जिसे राष्ट्रीय पहचान मिली. अब वह इंस्पायर अवॉर्ड योजना के तहत जापान जाएंगी और टोक्यो की यूनिवर्सिटियों का दौरा करेंगी.X

इंस्पायर पुरस्कार योजना के तहत पूजा 14 जून को जापान जाएंगीहाइलाइट्सपूजा ने ‘धूल रहित थ्रेशर’ मॉडल बनाया.पूजा को इंस्पायर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया.पूजा जापान की यूनिवर्सिटियों का दौरा करेंगी.बाराबंकी: गरीबी कभी प्रतिभा की राह नहीं रोक सकती इस बात को सच कर दिखाया है बाराबंकी की होनहार छात्रा पूजा ने. जगदीशचंद्र फतेहराय इंटर कॉलेज की कक्षा 12 में पढ़ने वाली पूजा ने ऐसा अनोखा वैज्ञानिक मॉडल तैयार किया है, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल चुकी है. अब भारत सरकार की इंस्पायर अवॉर्ड योजना के तहत पूजा जापान की यात्रा पर जा रही हैं, जहां वह टोक्यो की नामचीन यूनिवर्सिटियों और साइंस लैब्स का दौरा करेंगी.

झोपड़ी में गुजरा बचपन, विज्ञान में गढ़ी उड़ानपूजा एक बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं. उनके पिता पुत्तीलाल दिहाड़ी मजदूर हैं और मां सुनीला सरकारी स्कूल में रसोईया का काम करती हैं. पांच भाई-बहनों में पूजा का दूसरा नंबर है और उनका परिवार आज भी पन्नी और घास-फूस से बनी झोपड़ी में रहता है. आर्थिक तंगी के बावजूद पूजा ने कभी हार नहीं मानी और विज्ञान में अपनी रुचि बनाए रखी.

पूजा की प्रतिभा की शुरुआत वर्ष 2020 में हुई, जब उन्होंने ‘धूल रहित थ्रेशर’ का मॉडल तैयार किया. यह मॉडल पहले जिला स्तर पर चयनित हुआ, फिर मंडल और लखनऊ में राज्य स्तरीय प्रदर्शनियों में जगह बनाई. इसके बाद दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी में भी पूजा के मॉडल को खूब सराहा गया.

ऐसे आया ‘धूल रहित थ्रेशर’ का आइडियापूजा ने बताया कि जब वह कक्षा 8 में थीं और पूर्व माध्यमिक विद्यालय अगेहरा में पढ़ रही थीं, तब स्कूल के पास खेत में चल रहे थ्रेशर से निकलने वाली धूल से बच्चों को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. उन्होंने अपने विज्ञान अध्यापक राजीव श्रीवास्तव से इस समस्या का समाधान पूछा और सुझाव दिया कि अगर थ्रेशर से धूल ही बाहर न निकले तो अच्छा होगा.

इसके बाद पूजा ने टिन और पंखे की मदद से ऐसा थ्रेशर मॉडल तैयार किया जिसमें धूल हवा में उड़ने की बजाय एक थैले में इकट्ठा हो जाती है. यह मॉडल न सिर्फ बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा करता है बल्कि खेतों में काम करने वाले मजदूरों के लिए भी काफी मददगार साबित हो सकता है.

राष्ट्रीय विज्ञान मेले में चुना गया मॉडल, जापान के लिए होंगी रवानापूजा के मॉडल को वर्ष 2024 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान मेले में चयनित किया गया. इसके तहत उन्हें इंस्पायर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है और अब पूजा 14 जून को जापान जाएंगी. वहां वह अन्य प्रतिभाशाली भारतीय छात्रों के साथ टोक्यो की यूनिवर्सिटी और विज्ञान प्रयोगशालाएं देखेंगी.

जिला प्रशासन ने भी की सराहनाबाराबंकी के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने पूजा की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि इतने साधारण परिवार से आने वाली बाल वैज्ञानिक को केंद्र सरकार ने इंस्पायर अवॉर्ड से नवाजा है, यह पूरे जिले के लिए गर्व की बात है. उन्होंने पूजा और उनके स्कूल के शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि ऐसे होनहार छात्र देश का भविष्य हैं.
भारत पाकिस्तान की ताज़ा खबरें News18 India पर देखेंLocation :Bara Banki,Uttar Pradeshhomeuttar-pradeshझोपड़ी से जापान तक…ये है बाराबंकी की बेटी की साइंस वाली उड़ान!

Source link

You Missed

Maharashtra Clears Upgrade Of Tribal Ashram Schools To Curb Dropouts
Top StoriesMay 6, 2026

महाराष्ट्र ने छात्रों के स्कूल छोड़ने की दर को कम करने के लिए आदिवासी आश्रम स्कूलों को अपग्रेड करने की मंजूरी दी

मुंबई: महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने मंगलवार को पांच प्राथमिक आदिवासी आश्रम स्कूलों को माध्यमिक स्तर पर और 19 माध्यमिक…

Scroll to Top