Uttar Pradesh

बाराबंकी में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे कटान हुआ तेज, 100 से अधिक गांव खतरे के जद में


संजय यादव/बाराबंकी.बाराबंकी जिले में हर साल बाढ़ से सैकड़ों गांव प्रभावित होते हैं. वहीं जिले की तीन तहसीलो में करीब 150 गांव में बहने वाली सरयू नदी से बाढ़ को लेकर तराई फिर सहम गया है. बीते 5 दिनों में सरयू का जलस्तर 1 मीटर 87 सेंटीमीटर बढ़ने के बाद प्रशासन भी एलर्ट हो गया है. मौजूदा समय में 8 स्थानों पर करीब 35 करोड़ रुपए से कटान रोकने का कार्य चल रहा है. मगर ये काम पहले पूरे हो जाते तो गनीमत रहती वहीं ग्रामीणों की माने तो अगर बाढ़ आई तो करीब 100 से अधिक गांव इसकी चपेट में आएंगे और जो छोटे-छोटे बंधे बनाए गए हैं यह भी डूब जाएंगे.

जून माह में अभी थोड़ी बहुत बरसात होने से ही सरयू का जलस्तर बढ़ने व घटने लगा है. एलिंगन ब्रिज के पास नदी का जलस्तर नापा जाता है जलस्तर अब 105 .070 सेमी पर पहुंचता है तो बाढ़ का खतरा शुरू हो जाता है जबकि 106 .070 के बाद नदी खतरे के निशान को पार कर लेती है बीते 23 जून को ही सरयू का जलस्तर 102.556 था जो 28 जून को 104.426 पर पहुंच गया. हालांकि दोपहर में जलस्तर स्थिर हो गया. वही इस बार जून में ही तटबंधों के पास सरयू नदी कटान करने लगी है ऐसे में अगर अधिक बरसात हुई या नेपाल से पानी छोड़ा गया तो मुसीबत खड़ी हो जाएगी ग्रामीणों के अनुसार जुलाई व अगस्त माह में बाढ़ का खतरा सामने आता है जिसमें सैकड़ों गांव इसकी चपेट में आते हैं. इस बार जून में ही सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है. जिससे सरयू नदी किनारे कटान तेजी से कर रही है जिससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है.

बाढ़ से निपटने की तैयारी में जुटा प्रशासन

बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने तेजी से तैयारियों में जुट गया है. नदी की गहराई नापने के लिए बांस की खेप कलेक्ट्रेट पहुंच चुकी है. इस प्रकार रस्सी लाइफ जैकेट व अन्य राहत सामग्री के करीब सवा दो सौ बंडल भी आ गए हैं. इन्हें आपदा कार्यालय में रखा दिया गया है. आपदा विशेषज्ञ प्राची ने बताया कि लोगों को खाने पीने के लिए दी जाने वाली राहत किट का टेंडर हो रहा है और जहां भी कटान का खतरा है वहां युद्ध स्तर पर कार्य शुरू करा दिया गया है.

दहशत में ग्रामीण

ग्रामीणों ने बताया कल से नदी किनारे कटान तेजी से हो रही है पर यहां पर अभी तक कोई काम नहीं हुआ है और न कोई अधिकारी पहुंचा है जो आता है सिर्फ वीडियो बना कर चला जाता है. सिर्फ जेई साहब आए थे वो भी देख कर चले गए. अगर कटान को रोकने के लिए कोई कार्य नहीं किया गया तो हम लोगों के घर भी कटान में समा जाएंगे.
.Tags: Hindi news, Local18, UP newsFIRST PUBLISHED : June 30, 2023, 19:39 IST



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