Uttar Pradesh

बागपत समाचार | चाची के भतीजे की शादी | अजीब-गरीब प्रेम कहानी | बागपट समाचार

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने पारिवारिक रिश्तों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक चाची ने अपने ही सगे भतीजे के साथ प्रेम विवाह कर लिया। ताज्जुब की बात यह है कि यह ‘अजीबोगरीब’ निकाह किसी बंद कमरे में नहीं, बल्कि थाने के गेट पर पुलिस की मौजूदगी और पति की रजामंदी से हुआ।

मामला दोघट थाना क्षेत्र के एक कस्बे का है। यहां रहने वाली 28 वर्षीय पूजा (परिवर्तित नाम) का विवाह करीब 8 वर्ष पूर्व पंकज नाम के युवक से हुआ था। इनके दो बच्चे भी हैं, जिनकी उम्र 5 और 3 साल है। लेकिन इस कहानी में मोड़ तब आया जब पूजा को अपने ही सगे जेठ के 22 वर्षीय बेटे संजीव से प्यार हो गया। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच पिछले 5 वर्षों से चोरी-छिपे प्रेम प्रसंग चल रहा था।

समाज और पंचायत की दलीलें रहीं नाकाम जब इस रिश्ते की भनक परिवार और ग्रामीणों को लगी, तो कई बार पंचायतें हुईं। समाज के गणमान्य लोगों ने दोनों को समझाने और रिश्तों की दुहाई देने की कोशिश की, लेकिन प्यार का परवान ऐसा चढ़ा कि दोनों ने किसी की एक न सुनी। वे साथ रहने की जिद पर अड़े रहे। अपने भतीजे और पत्नी के प्रेम प्रसंग से तंग आकर पति ने दोनों की शादी करा दी और खुद इस शादी का गवाह बना।

थाने के बाहर पति की मौजूदगी में हुई शादी शुक्रवार शाम को एक हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। महिला का पति पंकज, प्रेमी भतीजा संजीव, उसका पिता राजपाल और कस्बे के दर्जनों लोग दोघट थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को सूचित किया कि वे दोनों बालिग हैं और अपनी मर्जी से साथ रहना चाहते हैं। थाने के बाहर ही सबके सामने चाची और भतीजे ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई।

महिला के पति पंकज ने इस बेबसी भरे फैसले पर कहा, “मुझे डर था कि कहीं कोई अनहोनी न हो जाए। श्रद्धा वॉकर जैसी ‘निल ड्रम’ (नील ड्रम) वाली घटनाएं आजकल आम हैं। जान-माल के खतरे और किसी बड़ी अनहोनी से बचने के लिए मैंने दोनों की सहमति से यह शादी होने दी।”

मायके वालों ने तोड़ा रिश्ता, पुलिस ने झाड़ा पल्ला पूरे घटनाक्रम से महिला के मायके वाले बेहद आहत हैं। उन्होंने मौके पर आने से साफ इनकार कर दिया और स्पष्ट संदेश भेजा कि अब उनका अपनी बेटी से कोई रिश्ता नहीं है। शादी के समय कृष्णपाल, सत्यपाल, नीटू और देवेंद्र जैसे ग्रामीण गवाह के तौर पर मौजूद रहे। परिवार ने लिखित में दिया है कि दोनों अपनी मर्जी से बाहर जाकर मजदूरी करेंगे और जीवन यापन करेंगे।

वहीं, दोघट थाना प्रभारी सूर्यदीप सिंह ने इस मामले पर आधिकारिक बयान देते हुए कहा, “पुलिस के पास इस संबंध में कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। जानकारी मिली है कि थाने के परिसर से बाहर कुछ लोगों ने आपसी सहमति से माला डाली है। चूंकि कोई शिकायत नहीं है, इसलिए पुलिस इसमें दखल नहीं दे रही है।”

इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। क्या पुलिस को यह मामला सुलझाना चाहिए था? क्या उन्हें दोनों की शादी की अनुमति देनी चाहिए थी? इन सवालों का जवाब पुलिस के पास है, लेकिन यह तो स्पष्ट है कि पारिवारिक रिश्तों को लेकर यह एक बहुत बड़ा सवाल है।

You Missed

Scroll to Top