विशाल झा/गाजियाबादः गाजियाबाद में हिंडन नदी के उफान के बाद आई बाढ़ के कारण आस-पास के लोगों का जीवन बुरी तरीके से प्रभावित हुआ है. हिंडन नदी से सटा हुआ करहेड़ा गांव पूरी तरीके से डूब गया है. दर्जनों पीड़ित परिवार के लिए गाजियाबाद प्रशासन नेकरहेड़ा कंपोजिट विद्यालय में रहने की व्यवस्था की है. जिसमें सोने के लिए गद्दे, दवाई और भोजन आदि का वितरण किया जा रहा है.खास बात यह है कि बाढ़ पीड़ित लोगों के साथ उनके मवेशी और पशु भी आए हैं. करहेड़ा में रहने वाली अनु तिवारी अपने साथ अपने दो पालतू खरगोश राजू और हीरा को भी लाई हैं. जो इन बाढ़ पीड़ित शिविर में आकर्षण का केंद्र बने हुए है. Local 18 को अनु तिवारी ने बताया कि पिछले शनिवार को बाढ़ का पानी कंधे तक आ गया था. जिसके बाद वहां रहना मुश्किल हो रहा था. मौके पर आयी एनडीआरएफ टीम ने हमारा रेस्क्यू किया.लाखों का सामान घर में छोड़ आएबाढ़ के कारण हम अपने पीछे लाखों का सामान घर में छोड़ आए हैं. घर से निकलने वक्त मेरी छोटी बेटी ने खरगोश का ये पिंजरा हाथ में पकड़ रखा था. सामान तो इंसान वापस खरीद लेता है पर किसी की जान वापस नहीं आती. इसलिए हम अपने साथ इन दो खरगोश को भी यहां लेकर आ गए. अच्छी बात ये है कि प्रशासन की तरफ से इनका भी ध्यान रखा जा रहा है.बच्चें और बुजुर्ग खरगोश के साथ खेलते हैंकंपोजिट विद्यालय की एक कक्षा में रुका ये परिवार वहां रह रहे अन्य बाढ़ पीड़ितों के लिए आकर्षण का केंद्र है. इन दो खरगोश के साथ वहां रुकने वाले छोटे बच्चे और बुजुर्ग भी खेलते हैं. देखने में सुंदर होने के कारण यह खरगोश इन बाढ़ पीड़ित लोगों को सकारात्मक ऊर्जा भी देते हैं. दोनों को थोड़ी देर टहलने के लिए पिंजरे से शाम के समय छोड़ दिया जाता है. गाजियाबाद प्रशासन बाढ़ पीड़ित लोगों के साथ उनके साथ आए पशुओं का भी ध्यान रख रहा है..FIRST PUBLISHED : July 30, 2023, 18:05 IST
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