Uttar Pradesh

बड़े पापा के रास्ते को किया अख्तियार, अब देशभर में फैली ख्याति, भजन गायिका से बनी फेमस कथावाचिका…

Last Updated:July 07, 2025, 18:29 ISTUP News: बलिया जनपद की रहने वाली मशहूर भजन गायिका लाडली किशोरी देश दुनिया में राम कथा की अलख जगा रही है.बलिया: यूपी के बलिया में एक ऐसी महिला हैं, जिनको आज देश-दुनिया में सब जानते हैं. वो हैं लाडली किशोरी. एक दुखद घटना के बाद लाडली किशोरी का पूरा जीवन ही बदल गया. अपने आपको साधना और भजन में समर्पित कर लिया. वैसे, लाडली किशोरी पहले से ही भजन गायिका थीं, लेकिन अब राम कथा वाचिका के लिए फेमस हुई है. लाडली किशोरी ने अपने जीवन में भक्ति को अपनाकर सुख शांति के साथ बड़ी सफलता पाई है.

बलिया जनपद की रहने वाली मशहूर भजन गायिका लाडली किशोरी अब बिल्कुल रामकथा में डूब चुकी हैं. फिलहाल लाडली किशोरी देश दुनिया में राम कथा की अलख जगा रही है और एक मशहूर कथा वाचिका के रूप में प्रख्यात हुई हैं. लाडली जी हिंदी नहीं, बल्कि मैथिली में भी भजन और रामकथा भक्तों को सुनाती हैं. जब लाडली कथा मंच से मैथिली में भजन गाती हैं, तो भक्त झूम उठते है.

कथावाचिका और भजन गायिका लाडली किशोरी ने आगे कहा कि इस क्षेत्र में आने के लिए उनको बहुत मेहनत नहीं करनी पड़ी है, क्योंकि यह काम पीढ़ी दर पीढ़ी उनके परिवार में होता आ रहा है. उनके बड़े पापा श्रीमन नारायण दास भक्त माली जिनको पूरी दुनिया मामा जी के नाम से जानती है, वो भी भजन लिखने और गाते थे. इनके बड़े पिताजी का हिंदी के साथ मैथिली और कुछ उर्दू में भी रचनाएं हैं, जिसे अपनाकर तमाम कलाकार देश-दुनिया में मशहूर हुए हैं.

कथा वाचिका लाडली जी की कहानी साहस और आस्था की मिशाल है. लाडली किशोरी ने बताया कि अब वह बहुत शांति और सुकून की अनुभूति कर रही हैं और सभी के लिए बड़ा प्रेरणा स्रोत के माध्यम बनी हुई है. लाडली किशोरी का मानना है कि जीवन में अच्छा काम करना चाहिए, यह जग जाहिर है कि जो संसार में आया है उसको एक दिन सबकुछ छोड़कर जरूर जाना है.Location :Ballia,Uttar Pradeshhomeuttar-pradeshबड़े पापा के रास्ते को किया अख्तियार, अब देशभर में फैली ख्याति

Source link

You Missed

₹31,763‑crore Push For SC Welfare
Top StoriesApr 27, 2026

₹31,763‑crore Push For SC Welfare

Hyderabad: Highlighting that ₹31,763 crore had been spent on Scheduled Caste development and education schemes under the present…

Scroll to Top