Uttar Pradesh

अयोध्या में दिखा भक्त और भगवान की अनोखी आराधना, झूले पर सवार होकर रामलला दे रहे अद्भुत दर्शन



सर्वेश श्रीवास्तव/ अयोध्या : मंदिर और मूर्तियों के शहर अयोध्या में सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन से ही मठ-मंदिरों में रामलला सरकार झूला पर सवार होकर अद्भुत दर्शन देते हैं. इतना ही नहीं यह परंपरा त्रेतायुग से चली आ रही है. सावन माह की तृतीया तिथि को अयोध्या के प्रमुख मंदिरों के विग्रह रथ पर सवार होकर झूला का आनंद लेने के साथ-साथ मणि पर्वत तक जाते हैं जहां झूला झूलते हैं. धार्मिक मान्यता के मुताबिक भगवान राम और माता सीता इसी मणि पर्वत में सावन माह में झूला झूलते थे.

अयोध्या में यह परंपरा त्रेता युग से चली आ रही है. सावन झूला मेले की शुरुआत मणि पर्वत से होती है. जहां सैकड़ो मठ मंदिरों के विग्रह रथ यात्रा के माध्यम से मणि पर्वत तक झूलन पर विराजमान होकर जाते हैं. मणि पर्वत पर पहुंचते ही विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना कर उन्हें झूले पर बैठाया जाता है और इस महोत्सव को देखने के लिए लाखों की संख्या में भक्ति अयोध्या आते हैं. धार्मिक मान्यता है कि सावन माह में माता सीता अपने मायके जनकपुर ना जाकर माडियो से बने इस पर्वत पर भगवान राम के साथ झूला झूलती थी. तभी से इस स्थान पर झूलन उत्सव की परंपरा शुरू हुई और आज भी उस परंपरा का निर्वहन अयोध्या के मठ मंदिर के संत महंत करते हैं.

अयोध्या में झूलन उत्सव की शुरुआत का कारण रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास बताते हैं कि महाराज जनक जब अयोध्या आए थे तो वह अपने साथ ढेर सारा मणि लेकर आए थे. जिसको विद्या कुंड के पास रख दिया गया था .धीरे-धीरे मडिया जब बड़ी हुई तो वह पर्वत का आकार ले ली जिसे मणि पर्वत के नाम से जाना जाने लगा. उस दौरान महाराज दशरथ ने यह निश्चय किया की उसी जगह पर राजा दशरथ की सभी पुत्रियां सावन माह में झूला झूलेंगे.उसके बाद वहां पर भगवान राम और माता सीता समेत चारों भाइयों की पत्नियों ने हरियाली तीज के दिन झूला झूला था.

त्रेता युग से जारी है परंपरात्रेता युग से यह परंपरा आज भी चली आ रही है. अयोध्या के सभी मठ मंदिर के विग्रह झूलों पर विराजमान होकर मणि पर्वत तक जाते हैं इसको देखने के लिए दूर-दूर से भक्त लाखों की संख्या में धर्मनगरी अयोध्या पहुंचते हैं. धार्मिक मान्यता के मुताबिक आज ही के दिन से अयोध्या में झूलन उत्सव की शुरुआत हो जाती है.

अयोध्या में सावन की धूमश्रद्धालु आभा गोयल बताती हैं कि मणि पर्वत और पहली बार आई हूं. आकर के यहां पर इतना अच्छा लग रहा है, इतना सुंदर लग रहा है इतनी सुंदर-सुंदर स्वरूप सजे हुए हैं. इसको देखकर मन प्रफुल्लित हो जाता है. मन प्रसन्न हो गया, आत्म विभोर हो गई. यहां भीड़ देखकर उत्साह देखकर बहुत अच्छा लगा अब हर साल हम मणि पर्वत के मेले में आएंगे.
.Tags: Ayodhya News, Dharma Aastha, Uttar Pradesh News HindiFIRST PUBLISHED : August 19, 2023, 21:33 IST



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