Uttar Pradesh

औरंगजेब के समय मंदिर तोड़कर नहीं बनाई गई थी मस्जिद, ASI सर्वे बड़ी साज़िश… ज्ञानवापी मस्जिद के मुंशी का दावा



हाइलाइट्समामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में मुस्लिम पक्षकार मुख्तार अहमद अंसारी भी मौजूद थेउन्होंने कहा कि अदालत में हिंदू पक्ष के वकीलों की ओर से जो तस्वीरें दिखाई गई है, वह सही नहीं हैप्रयागराज. वाराणसी के ज्ञानवापी विवाद को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में गुरुवार को बेहद अहम सुनवाई हुई. करीब डेढ़ घंटे तक चीफ जस्टिस कोर्ट में चली सुनवाई के दौरान वाराणसी की जिला अदालत में मुस्लिम पक्ष की पैरवी कर रहे कई वकील और मस्जिद कमेटी के मुंशी भी कोर्ट रूम में मौजूद रहे. कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला रिजर्व कर लिया है. चीफ जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर ने एएसआई सर्वे पर लगी रोक फैसला आने तक के लिए बढ़ा दी है. चीफ जस्टिस की कोर्ट अब इस मामले में 3 अगस्त को अपना फैसला सुनाएगी.

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में मुस्लिम पक्षकार मुख्तार अहमद अंसारी भी मौजूद थे. मामलों की सुनवाई पूरी होने और जजमेंट रिजर्व होने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कोर्ट में उनके वकीलों ने मजबूती से अपना पक्ष रखा है. उन्होंने कहा कि अदालत में हिंदू पक्ष के वकीलों की ओर से जो तस्वीरें दिखाई गई है, वह सही नहीं है. उन्होंने कहा कि हिंदू पक्ष अदालत को गुमराह कर रहा है. ज्ञानवापी विवाद के दो मामलों में पक्षकार मुख्तार अहमद अंसारी का कहना है कि एएसआई सर्वे के नाम पर बड़ी साजिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि औरंगजेब के शासनकाल में मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाए जाने की भी बात गलत है.

हालांकि मुस्लिम पक्षकार मुख्तार अहमद अंसारी का कहना है कि अभी मामला कोर्ट में है और कोर्ट के फैसले के बाद ही यह तय होगा कि विवादित स्थल का सर्वे होगा कि नहीं. लेकिन उन्होंने यह कहा है कि मुस्लिम पक्ष यह चाहता है कि इसका सर्वे नहीं होना चाहिए। हालांकि उन्होंने कहा कि कोर्ट इस पर जब अपना फैसला सुनाएगी. उसके बाद ही मुस्लिम पक्ष यह तय करेगा कि उसे आगे क्या करना है. उन्होंने कहा है कि जिस पक्ष के भी फेवर में फैसला नहीं आएगा वह पक्ष निश्चित तौर पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटायेगा.
.Tags: Allahabad high court, Gyanvapi Masjid ControversyFIRST PUBLISHED : July 28, 2023, 07:03 IST



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