Asian Cricket Council Executive Board Meeting : बीसीसीआई सचिव जय शाह और पीसीबी चेयरमैन नजम सेठी के बीच शनिवार को बहरीन में पहली औपचारिक मुलाकात हुई. एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) की कार्यकारी बोर्ड मीटिंग में कई फैसले लिए गए. इसी बैठक में एशिया कप वनडे टूर्नामेंट के वैकल्पिक स्थल पर फैसला लिया जाना था, लेकिन इसे फिलहाल अगली मीटिंग तक के लिए टाल दिया गया है. एसीसी की अगली बोर्ड मीटिंग मार्च 2023 में होगी.
एशिया कप की मेजबानी के ये हैं दावेदार
एशिया कप मेजबानी का अधिकार शुरुआत में पाकिस्तान को दिया गया था. इसे सितंबर 2023 में कराया जाना है लेकिन एसीसी के चेयरमैन जय शाह ने पिछले साल अक्टूबर में घोषणा की कि भारतीय टीम पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान का दौरा नहीं करेगी. यह साफ तौर पर माना जा रहा है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के तीन स्थल – दुबई, अबुधाबी और शारजाह – टूर्नामेंट की मेजबानी के प्रबल दावेदार हैं. हालांकि कुछ समय के लिए फैसला टाल दिया गया है.
PCB चेयरमैन ने बुलाई थी बैठक
एसीसी सदस्य देशों के सभी प्रमुखों ने बहरीन में इस इमर्जेंसी मीटिंग में हिस्सा लिया.पीसीबी चेयरमैन नजम सेठी के अनुरोध पर यह बैठक बुलाई गई थी. एसीसी की ओर से महाद्वीपीय संस्था का शेड्यूल जारी कर दिया गया है जिसमें पाकिस्तान को मेजबान का नाम नहीं दिया गया. मामले की जानकारी रखने वाले बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी ने पीटीआई से कहा, ‘एसीसी के सदस्यों ने मुलाकात की और इसमें काफी सकारात्मक चर्चा हुई. एशिया कप स्थल कहीं ओर करने पर फैसला मार्च तक के लिए टाल दिया गया है. आश्वस्त रहिए कि भारतीय टीम पाकिस्तान नहीं जा रही है, टूर्नामेंट को ही कहीं ओर कराया जाएगा.’
स्पॉन्सर के हटने का भी डर
ऐसा भी माना जा रहा है कि एशिया कप को पाकिस्तान में कराए जाने से स्पॉन्सर के हटने का भी डर है. बीसीसीआई अधिकारी ने कहा कि विराट कोहली, रोहित शर्मा और शुभमन गिल जैसे खिलाड़ियों के बिना टूर्नामेंट से स्पॉन्सर हट जाएंगे. दरअसल, अगर पाकिस्तान में इस टूर्नामेंट को कराया जाएगा तो कई सीनियर खिलाड़ी नाराज हो सकते हैं. इतना ही नहीं, भारत सरकार ने भी इसके लिए मंजूरी नहीं दी थी. एसीसी के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि सेठी हाल में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) चेयरमैन बने हैं और अगर वह पहली ही बैठक में पीछे हट जाते तो उनके देश में इसका खराब असर पड़ता.
आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान इस समय आर्थिक संकट और महंगाई से जूझ रहा है. एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट का आयोजन करना पीसीबी के लिए नुकसान का सौदा साबित हो सकता है. भले ही एसीसी इसके लिए ग्रांट दे, लेकिन पाकिस्तान के मौजूदा आर्थिक हालात बेहतर नहीं हैं. इसलिए रणनीतिक तौर पर अगर टूर्नामेंट संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में कराया जाता है तो पूरी संभावना है कि सभी सदस्य देशों को भी टेलीकास्ट रेवेन्यू से अपना हिस्सा मिलेगा.
अफगानिस्तान का बढ़ा बजट
एसीसी ने एक अन्य फैसले में अफगानिस्तान क्रिकेट संघ को दिया जाने वाला सालाना बजट बढ़ा दिया है. इसे छह से 15 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है. एसीसी ने आश्वस्त किया कि इससे अफगानिस्तान बोर्ड को हरसंभव तरीके से मदद करेगा ताकि देश में महिला क्रिकेट को बहाल किया जा सके. तालिबान ने महिलाओं के खेलने पर पांबदी लगाई हुई है. (PTI से इनपुट)
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