नई दिल्ली: भारत के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने आईसीसी मेन्स टी20 विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सुपर आठ के मैच में भारतीय टीम की संयुक्तता और बल्लेबाजी क्रम की आलोचना की, जिसमें उन्होंने कहा कि टीम ने उच्च दबाव वाले मैच के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं की थी। अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए कहा, “अगर आपके पास आठ बल्लेबाज हैं और उनमें से एक रिंकु सिंह है, तो वह आठवें नंबर पर नहीं आ सकता है। दक्षिण अफ्रीका ने हमें यह सबक सिखाया है कि ऐसे मैचों के लिए हमें पर्याप्त तैयारी करनी चाहिए। हमें पर्याप्त तैयारी नहीं की।”
अश्विन ने स्पष्ट किया कि उनके बयान वाशिंगटन सुंदर की आलोचना नहीं है, बल्कि यह एक रणनीतिक दृष्टिकोण है जो महत्वपूर्ण मैचों में भूमिका स्पष्टता के बारे में है। अश्विन ने कहा, “मैंने सोचा था कि रिंकु सिंह को पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करनी चाहिए थी। लेकिन वाशिंगटन सुंदर ने बल्लेबाजी में कोई रन नहीं बनाए, जबकि उन्होंने रिंकु सिंह, हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे के आगे बल्लेबाजी की।”
अश्विन ने कहा कि उन्होंने वाशिंगटन सुंदर को एक जैसे विकल्प के रूप में देखा था, लेकिन उन्होंने अनुभव की महत्ता को नजरअंदाज कर दिया। अश्विन ने कहा, “अक्षर पटेल के स्थान पर वाशिंगटन को एक जैसे विकल्प के रूप में देखा गया, लेकिन अनुभव की महत्ता को नजरअंदाज कर दिया गया। दबाव की स्थिति में अनुभव की महत्ता को समझना बहुत जरूरी है।”
अश्विन ने आगे कहा कि भविष्य में टीमें भारत को चेज़ मोड में डालने की कोशिश करेंगी, जिससे भारत को अपनी रणनीति को बदलना होगा। अश्विन ने कहा, “भारत को अपनी रणनीति को बदलना होगा और अपने खिलाड़ियों को अधिक अनुभवी बनाना होगा।”
भारत की हार ने उनकी सेमीफाइनल की स्थिति को मजबूत किया है, लेकिन उन्हें अपने शेष दो मैचों में अच्छी नेट रन रेट से जीतनी होगी ताकि वे टी20 विश्व कप का बचाव कर सकें।

