Arshdeep Singh, IND vs PAK: टीम इंडिया के युवा पेसर अर्शदीप सिंह के लिए पिछला कुछ वक्त काफी मुश्किल रहा. एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने एक कैच टपका दिया था, तब उन्हें बुरी तरह ट्रोल किया गया. उन्हें खालिस्तानी, आतंकवादी, चीटर… ना जाने क्या क्या कहा गया. अब इस खिलाड़ी ने चुप्पी तोड़ी है और कहा है कि टीम के स्वस्थ माहौल ने उन्हें आगे बढ़ाने में बहुत मदद की. अर्शदीप ने इसी पाकिस्तान टीम के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप में मिली जीत में अहम भूमिका निभाई.
खालिस्तानी तक कहा
अर्शदीप सिंह ने जब एशिया कप के दौरान पाकिस्तान के आसिफ अली का कैच छोड़ दिया था तो उनकी रातों की नींद उड़ गई थी. हालांकि टीम के स्वस्थ माहौल ने इस युवा भारतीय पेसर को आगे बढ़ने में मदद की जिससे वह टी20 विश्व कप में चिर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ मैच का रुख बदलने वाला प्रदर्शन करने में सफल रहे. पिछले महीने में एशिया कप के सुपर-4 मैच में कैच छोड़ने से उन्हें काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी जिसमें से कुछ ने तो उन्हें ‘खालिस्तानी’ भी कह दिया था.
अर्शदीप ने टीम के माहौल की तारीफ की
23 साल के अर्शदीप ने पाकिस्तान पर चार विकेट की रोमांचक जीत के बाद मीडिया से कहा, ‘टीम का माहौल इतना अच्छा है कि हम बाहर की बातों का असर अंदर नहीं पड़ने देते. हम एक दूसरे के साथ का आनंद लेते हैं, बुरे समय में एक दूसरे के लिए खड़े होते हैं. इससे मदद मिलती है.’ अर्शदीप ने मेलबर्न में खेले गए मैच में पाकिस्तान के फॉर्म में चल रहे बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान को आउट कर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई. दो महीनों के अंदर दो दबाव भरे मैचों में चुनौती से निपटने के बारे में पूछने उन्होंने कहा, ‘अगर आप अपने खेल का लुत्फ उठाते हो तो चुनौती नाम की कोई चीज नहीं होती.’
PAK के खिलाफ जीत में निभाई भूमिका
अर्शदीप ने आगे कहा, ‘हम अपने क्रिकेट का आनंद लेते हैं और जैसा कि मैंने कहा कि टीम का माहौल वाकई अच्छा है. हम अपने खेल को बहुत पसंद करते हैं और जब आप खेल का आनंद लेना शुरू कर देते हो तो कोई चुनौती नहीं रहती.’ मानसिक रूप से मजबूत होने के लिए क्या अतिरिक्त चीज की, उन्होंने कहा, ‘मैंने कुछ भी एक्स्ट्रा नहीं किया. हर चीज को सरल रखने की कोशिश करता हूं, ज्यादा नहीं सोचता.’ अर्शदीप ने 4 ओवर में 32 रन देकर तीन विकेट लिए और जीत में अहम भूमिका निभाई.
ये ख़बर आपने पढ़ी देश की नंबर 1 हिंदी वेबसाइट Zeenews.com/Hindi पर
Govt figures Tell a Tale
Corpns, federations, welfare boards have little to show for work Source link
