Indian Captains Who Never Lost a Test Match: कपिल देव से लेकर सौरव गांगुली, महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली तक भारतीय क्रिकेट में कुछ ऐसे कप्तान रहे हैं जिन्होंने सफलता के झंडे गाड़े हैं. उन्होंने टीम इंडिया को बदलने का काम किया है और टेस्ट क्रिकेट में बड़ी सफलताएं दिलाईं. कपिल देव ने टीम में जान भरी तो गांगुली ने विदेशों में बिना डरे खेलना सिखाया. धोनी ने टेस्ट में टीम को नंबर-1 पर पहुंचाया तो कोहली ने घर से लेकर विदेशों तक में जीत दिलाई. इसके बावजूद इनमें कोई ऐसा कप्तान नहीं है जो कम से कम एक मैच नहीं हारा. इन दिग्गजों को एक न एक मैच में हार का सामना निश्चित रुप से करना पड़ा है.
कभी नहीं हारने वाले टेस्ट कप्तान
भारतीय क्रिकेट में कुछ ऐसे भी दिग्गज रहे हैं जिन्होंने टीम इंडिया की कप्तानी की है, लेकिन एक भी टेस्ट में बतौर कप्तान नहीं हारे. ऐसे 4 कप्तान टीम इंडिया को मिले हैं. हम उनके बारे में आपको यहां बता रहे हैं…
1. हेमू अधिकारी
पुणे में जन्मे बल्लेबाज हेमू अधिकारी ने 1947 और 1959 के बीच 21 टेस्ट मैच खेले हैं. इसमें 31 के औसत से 872 रन बनाए. उनके नाम 1 शतक और 4 अर्धशतक हैं. हेमू अधिकारी ने भारत की कप्तानी सिर्फ एक टेस्ट मैच में की है. 1959 में वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज के पांचवें टेस्ट में उन्हें कमान संभालनी पड़ी था. दिल्ली में वह टेस्ट ड्रॉ पर समाप्त हुआ था. संयोग से हेमू अधिकारी उस सीरीज में भारत के चौथे कप्तान थे. उनसे पहले टीम इंडिया ने चार मैचों में पहले ही तीन कप्तानों का उपयोग कर लिया था. अधिकारी ने अपने एकमात्र कप्तानी मैच में 63 और 40 रन बनाए. इसके अलावा अपनी लेग-ब्रेक से कोनराड हंट, बेसिल बुचर और डेनिस एटकिंसन के विकेट लिए. संयोग से, वह मैच उनके करियर का अंतिम टेस्ट साबित हुआ.
2. रवि शास्त्री
मुंबई के ऑलराउंडर रवि शास्त्री ने 1981 से 1992 तक 80 टेस्ट मैचों में भाग लिया और भारत के बेहतरीन ऑलराउंडरों में से एक बन गए. उन्हें 1988 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 1988 की सीरीज में चेन्नई टेस्ट में टीम की कमान मिली थी. भारत ने शास्त्री की कप्तानी में उस मैच को 255 रन के बड़े अंतर से जीत लिया था. शास्त्री को उसके बाद कभी कप्तानी नहीं मिली.
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3. क्रिस श्रीकांत
चेन्नई के बल्लेबाज क्रिस श्रीकांत ने 1981 और 1992 के बीच भारत के लिए 43 टेस्ट मैच खेले. उन्होंने 1989 के पाकिस्तान दौरे पर भारत का नेतृत्व किया, जो सचिन तेंदुलकर की डेब्यू टेस्ट सीरीज भी थी. उस सीरीज के सभी 4 टेस्ट मैच ड्रॉ पर समाप्त हुए. श्रीकांत को फिर कभी कप्तानी का मौका नहीं मिला.
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4. अजिंक्य रहाणे
अजिंक्य रहाणे भारत के उन कप्तानों में हैं जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसकी धरती पर टेस्ट सीरीज जीतने में सफलता हासिल की है. उनके अलावा विराट कोहली ही ऐसा करने में कामयाब हुए हैं. रहाणे 2020/21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर कोहली की अनुपस्थिति में भारत के कार्यवाहक कप्तान बने थे. भारत एडिलेड में हारने के बाद 0-1 से पीछे था और कप्तान कोहली को अपने पहले बच्चे के जन्म के कारण उस मैच के बाद जाना पड़ा था. इससे बाद रहाणे ने कमान संभाली और सीरीज को 2-1 से जीतकर पासा पलट दिया. कुल मिलाकर रहाणे ने 6 टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की. 4 ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ (2020/21 में ऑस्ट्रेलिया में 3 और 2017 में धर्मशाला में 1), 2018 में अफगानिस्तान के खिलाफ 1, और 2021 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 1 मैच में उन्होंने कमान संभाली. इस दौरान भारत ने 6 में से भारत ने 4 टेस्ट जीते और 2 ड्रॉ हुए थे. सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ और कानपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ था.
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