रिपोर्ट: वसीम अहमदअलीगढ़: जिले में करीब ढेड़ सौ साल पुरानी परंपरा के तहत राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी (अलीगढ़ नुमाइश) लगाई गई है. यहां देशभर से लोग खरीदारी और स्टॉल व्यापार के लिए पहुंचे हुए हैं. यहां कोई लाल ताल की सैर कर रहा है तो कपड़ों की खरीदारी में व्यस्त है. लेकिन, यहां आने वालों की खास दिलचस्पी जलेबी में है. यह खास जलेबी जिसके एक पीस का 250 ग्राम है और कीमत 100 रुपये है.दरअसल, प्रदर्शनी में लगी जलेबी की एक दुकान काफी चर्चा में है. यह जलेबी आमतौर पर बनने वाली जलेबी से अलग है और महंगी भी. बावजूद इसके खाने वालों की भीड़ इस स्टॉल पर उमड़ी ही रहती है. दुकान के मालिक हलवाई देवीलाल बताते हैं कि वह हरियाणा के गोहाना के रहने वाले हैं. देसी घी से बनी जलेबियां उकनी फेमस हैं. बताया कि एक किलो की कीमत 400 रुपये है. लेकिन, ज्यादातर लोग एक पीस यानी 250 ग्राम ही लेते हैं.खास है बनाने का तरीकादेवीलाल ने बताया कि आमतौर पर जैसे जलेबी बनाई जाती है, ठीक वैसे ही हम भी इसे बनाते हैं. लेकिन इसे पकाने और इसको तैयार करने की प्रक्रिया थोड़ी अलग है. इसे देसी घी, बेसन और मैदा से तैयार किया जाता है, जिससे इसकी चाशनी और मिठास बरकरार रहती है. यही कारण है कि मेरे हाथ से बनी जलेबी का स्वाद चखने के लिए दूर-दूर से शौकीन आते हैं.पीढ़ियों से बना रहे जलेबीवहीं देवीलाल का कहना है कि वह 10 सालों से हर बार नुमाइश में दुकान लगाने के लिए आ रहे हैं और 78 सालों से उनके परिवार में जलेबी बनाने का ही काम है. इससे पहले उनके दादा और पुरखे जलेबी बनाने का काम करते थे. बताया हमारी दुकान की जलेबियां विदेशों तक सप्लाई होती हैं. जलेबी बनाने के लिए हम किसी भी रंग या फिर केमिकल का प्रयोग नहीं करते.ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|FIRST PUBLISHED : February 18, 2023, 21:33 IST
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