Uttar Pradesh

अखिलेश यादव की खबर: टोटी की याद अखिलेश यादव को क्यों सताती है? अवनीश अवस्थी-अभिषेक कौशिक को कभी नहीं भूल पाएंगे

उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार और वरिष्ठ नौकरशाहों पर अखिलेश यादव का तीखा हमला

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर ‘टोटी चोरी’ कांड को लेकर उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार और वरिष्ठ नौकरशाहों पर तीखा हमला बोला है. सपा प्रमुख ने शुक्रवार को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वह ‘टोटी चोरी’ के मामले को कभी नहीं भूल सकते. इस कांड में सपा सरकार के दौरान उनके सरकारी आवास से कथित तौर पर टोटियां चोरी होने का आरोप लगाया गया था, जिसे अखिलेश ने बीजेपी और तत्कालीन मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी और उनके ओएसडी अभिषेक कौशिक की साजिश करार दिया था।

अखिलेश यादव के लिए यह मुद्दा केवल एक राजनीतिक हथियार नहीं, बल्कि व्यक्तिगत अपमान का प्रतीक बन चुका है. आइए, जानते हैं कि यह ‘टोटी चोरी’ का मामला क्या है और यह अखिलेश को क्यों सताता रहता है.

‘टोटी चोरी’ कांड 2017 में उस समय सुर्खियों में आया था, जब अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश चुनाव में हार के बाद के मुख्यमंत्री आवास खाली किया था. तब एक खबर खूब चर्चा में रही कि अखिलेश के सरकारी आवास से टोटियां, बिजली के फिक्सचर, और अन्य सामान गायब थे. इस मामले को बीजेपी ने खूब उछाला और इसे सपा सरकार के कथित भ्रष्टाचार के प्रतीक के रूप में पेश किया था।

अखिलेश ने इस आरोप को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे बीजेपी की साजिश बताया था. उन्होंने तत्कालीन मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी और उनके ओएसडी अभिषेक कौशिक पर इस मामले को गलत तरीके से उछालने और उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया था. अखिलेश का कहना था कि बीजेपी ने इस मुद्दे को उनके खिलाफ राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया था और उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश की थी. इस कांड ने अखिलेश को खूब आहत किया, जिसकी वजह से वह बार-बार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं।

अखिलेश ने फिर बोला तीखा हमला अखिलेश यादव ने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘मैं टोटी चोरी का मामला कभी नहीं भूल सकता. यह सब अवनीश अवस्थी और अभिषेक कौशिक ने करवाया. बीजेपी सरकार और उसके अधिकारियों को यह बात अच्छे से समझ लेनी चाहिए कि हम इसे भूलने वाले नहीं हैं.’ अखिलेश ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार के पास अधिकारी, सरकार और चुनाव आयोग की एक ‘चुनावी तिकड़ी’ है, जो मिलकर उनके खिलाफ साजिश रचते हैं।

उन्होंने अवनीश अवस्थी का नाम लेते हुए कहा कि इस कांड के पीछे उनकी अहम भूमिका थी. अखिलेश ने दावा किया कि बीजेपी ने इस मुद्दे को जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया था ताकि उनकी और सपा की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके. उन्होंने यह भी कहा कि वह जन्माष्टमी के दिन से बीजेपी सरकार के जाने की उलटी गिनती शुरू कर चुके हैं और अब केवल 493 दिन बचे हैं।

अवनीश अवस्थी और अभिषेक कौशिक पर क्यों निशाना? अवनीश अवस्थी उस समय उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव थे. वह अभिषेक कौशिक उनके ओएसडी थे. अखिलेश यादव ने इन दोनों पर मामले को गलत तरीके से प्रचारित करने का आरोप लगाया था. अखिलेश का मानना था कि बीजेपी सरकार ने अवस्थी और कौशिक के जरिये इस कथित चोरी को एक बड़े मुद्दे के रूप में पेश किया था, ताकि सपा सरकार की उपलब्धियों को कम किया जा सके. अखिलेश ने बार-बार कहा था कि यह मामला उनकी व्यक्तिगत छवि को धूमिल करने की साजिश थी, और वह इसे कभी नहीं भूल सकते.

राजनीतिक रणनीति या व्यक्तिगत आक्रोश? अखिलेश का इस मुद्दे को बार-बार उठाना केवल व्यक्तिगत आक्रोश नहीं, बल्कि एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति भी मानी जा रही थी. 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए, अखिलेश बीजेपी सरकार पर हमलावर रुख अपनाए हुए थे. टोटी चोरी कांड को उठाकर वह बीजेपी को यह याद दिलाना चाहते थे कि वह पुरानी रंजिशें नहीं भूले हैं और जनता के सामने बीजेपी की कथित साजिशों को उजागर करेंगे. साथ ही, यह मुद्दा सपा समर्थकों को एकजुट करने का भी एक जरिया बन गया था, जो बीजेपी के शासन को ‘अपमानजनक’ और ‘साजिशकारी’ मानते थे।

‘टोटी चोरी’ कांड अखिलेश यादव के लिए केवल एक प्रशासनिक विवाद नहीं, बल्कि व्यक्तिगत अपमान और बीजेपी की कथित साजिश का प्रतीक बन चुका था. अवनीश अवस्थी और अभिषेक कौशिक का नाम बार-बार लेना उनके इस दर्द को दर्शाता था, जो सियासी और निजी दोनों स्तरों पर गहरा था. जैसे-जैसे 2027 का चुनाव नजदीक आ रहा था, अखिलेश इस मुद्दे को बीजेपी के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे. यह मामला उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया था, और यह देखना बाकी था कि यह सियासी जंग को और कितना तीखा करेगा.

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