Uttar Pradesh

एके-४७ वाली शाहीन के कितने राज, कहां से की पढ़ाई, कहां की नौकरी, कब आखिरी बार पापा से मिली?

दिल्ली ब्लास्ट में डॉक्टर शाहीन की भूमिका संदिग्ध

दिल्ली के लाल किला में सोमवार देर शाम कार में हुए ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियां एक्शन मोड में हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने ब्लास्ट के एक आरोपी मुजम्मिल की फरीदाबाद से गिरफ्तारी की है। उससे पूछताछ के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों ने लखनऊ से उसकी गर्लफ्रेंड डॉक्टर शाहीन को भी गिरफ्तार किया है। ब्लास्ट में डॉक्टर शाहीन की भी भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।

डॉक्टर शाहीन की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसके पिता शाहिद अहमद अंसारी से बात की तो इस बात की जानकारी मिली कि डॉक्टर शाहीन ने प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की है। न्यूज़ 18 की टीम मोतीलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंची और वहां से जानकारी प्राप्त की।

डॉक्टर शाहीन की पढ़ाई और नौकरी का इतिहास

मेडिकल कॉलेज के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक डॉ शाहीन ने 1996 बैच में एमबीबीएस में दाखिला लिया था। एमबीबीएस की पढ़ाई और इंटर्नशिप 2002 में पूरी की थी। इस दौरान डॉक्टर शाहीन मेडिकल कॉलेज कैंपस के गर्ल्स हॉस्टल में ही रहती थी। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शुरुआत में उसका अपने साथियों के साथ ज्यादा मेलजोल नहीं था। पहले भी वह धार्मिक रूप से कट्टर थी। हालांकि एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी होने के बाद डॉ शाहीन ने फार्मोकोलॉजी में एमडी की डिग्री हासिल की थी।

साल 2006-07 में यूपी लोक सेवा आयोग से डॉ शाहीन का चयन गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज कानपुर में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ था। हालांकि 2009-10 में डॉक्टर शाहीन का तबादला कन्नौज मेडिकल कॉलेज हो गया था।

इसके बाद 2013 में दोबारा डॉक्टर शाहीन कानपुर मेडिकल कॉलेज वापस लौट आई थी। हालांकि यहां दोबारा आने के बाद से ही उसकी गतिविधियां संदिग्ध हो गई थी। वह कुछ देश विरोधी तत्वों के संपर्क में आ गई थी। इसके बाद लगातार नौकरी से गायब रहने के चलते 2021 में सरकार ने उसकी सेवाएं समाप्त कर दी थी।

डॉक्टर शाहीन के पिता की प्रतिक्रिया

डॉक्टर शाहीन की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसके पिता शाहिद अहमद अंसारी से कड़ी पूछताछ की है। उन्होंने बताया है कि उनकी तीन संतानों में डॉक्टर शाहीन दूसरे नंबर पर है। जबकि बेटा परवेज तीसरे नंबर पर है।

सईद अहमद अंसारी के मुताबिक डेढ़ साल से वह शाहीन से नहीं मिले हैं। हालांकि एक महीने पहले फोन पर शाहीन से बात जरूर हुई थी। उनका कहना है कि शाहीन पिछले डेढ़ साल से फरीदाबाद में रह रही थी। लेकिन ब्लास्ट में आरोपी मुजम्मिल के बारे में किसी तरह की जानकारी से उन्होंने इंकार किया है।

डॉक्टर शाहीन के पिता सईद अहमद अंसारी के मुताबिक लखनऊ में मेरा एक मकान है। बेटे परवेज का भी एक मकान है और परवेज से मेरी 5 दिन पहले बात भी हुई थी। फिलहाल डॉक्टर शाहीन की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां उसके बारे में और अधिक जानकारी खंगाल रही हैं।

You Missed

Scroll to Top