Uttar Pradesh

अजब-गजबः पार्षद ने 50 लाख में बेच दिया सरकारी पोखरा, शुरू हुई बाउंड्री तो पता चला पूरा मामला

Last Updated:February 06, 2026, 12:23 ISTMathura news: नगर निगम और पार्षद की मिली भगत से कॉलोनाइजर को 50 लाख रुपए की कीमत की एक सरकारी पोखर बेच दिया गया. शिकायतों बाद भी नगर निगम ने कोई भी सुध नहीं ली. पार्षद खुले आम सरकारी पोखर को बेचकर लखपति बन रहा है. आरोप है कि वार्ड नंबर 3 के पार्षद दिनेश ने कॉलोनाइजर को रास्ता निकालने के लिए सरकारी पोखर बेचकर एक मोटी धनराशि ले ली है.ख़बरें फटाफटमथुरा: नगर निगम और पार्षद की मिली भगत से कॉलोनाइजर को 50 लाख रुपए की कीमत की एक सरकारी पोखर बेच दिया गया. शिकायतों बाद भी नगर निगम ने कोई भी सुध नहीं ली. पार्षद खुले आम सरकारी पोखर को बेचकर लखपति बन रहा है. आरोप है कि वार्ड नंबर 3 के पार्षद दिनेश ने कॉलोनाइजर को रास्ता निकालने के लिए सरकारी पोखर बेचकर एक मोटी धनराशि ले ली है. नगर निगम के अधिकारियों को सरकारी संपत्ति बचाने के लिए कई आवेदन पोखर को कब्ज़ा मुक्त कराने के लिए शिकायतकर्ताओं के द्वारा दिए गए, लेकिन वह आवेदन ठंडा बस्ती में चले गए.

किसी को नहीं पता चली और बेच दिया पोखरा

जिन्होंने चुनाव जीतने के बाद संप्रभुता और गोपनीयता के साथ साथ ईमानदारी से काम करने की कसम खाई थी, वहीं जनप्रतिनिधि अब इतने ईमानदार हैं कि सरकारी जमीन को कॉलोनाइजरों को बेचने में बिल्कुल भी हिचकिचा नहीं रहे हैं. हर जमीन को बेचने और अपना विकास कितनी ईमानदारी से कर रहे हैं यह तो सभी जानते हैं इन्हें न जनता की फिक्र है और नाही जनता की समस्याओं से मतलब. इनकी ईमानदारी तो देखिए सरकारी पोखर को ही इन्होंने ईमानदारी दिखाते हुए बेच दिया और कानों कान किसी को खबर तक नहीं हुई.  बड़ी ईमानदारी के साथ जिस तरह से यह सरकारी पोखर बेची गई, उस पोखर को बेचने के बाद ईमानदारी का गोल्ड मेडल लिए हुए घूमते हैं. अपने आप को इतना ईमानदार दिखाते हैं कि राजा हरिश्चंद्र भी उनके सामने छोटे नजर आते हैं.

पोखरे की शुरू हो गई बाउंड्री

वार्ड नंबर 3 गाँव, नौगांव के पार्षद दिनेश ईमानदारी का सफेद चोला पहनकर क्षेत्र में निकलते हैं और यह खोजते हैं कि सरकारी जमीन पोखर या तालाब किधर है. फिर यह सब खोजने के बाद शुरू होता है, ऐसा खेल जो किसी ने भी नहीं खेला होगा. किसी को आज तक पता ही नहीं है. पार्षद की पोल तब खुली जब लोकल 18 की टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंची. यहां की ग्राउंड जीरो से जो तस्वीरें कैमरे में कैद हुई वह काफी सोचने वाली थीं. तस्वीरों में साफ-साफ दिखाई दे रहा था कि किस तरह से कॉलोनाइजर ने सरकारी पोखर को पार्षद और अधिकारियों की मिली भगत से बाउंड्री करना शुरू कर दिया है.

सरकारी रिकॉर्ड में 2000 वर्ग मीटर है पोखरा

वार्ड नंबर 3 के मौजा गिरधरपुर में आने वाले भोजपुर नगला की पोखर पर चल रहे निर्माण कार्य के बारे में जब पार्षद दिनेश से बातचीत की गई तो उन्होंने कोई भी ऐसा संतोषजनक जवाब नहीं दिया. उनसे जब भी उनका पक्ष रखने के लिए कोशिश किया गया, तो वह अपना पक्ष रखने से बचते नजर आए. नगर निगम के अधिकारी भी कुछ कम नहीं है. उनसे जब उक्त पोखर के बारे में जानकारी की गई और नक्शा निकलवा कर यह जानने की कोशिश की गई की पोखर खसरा है, वह कितना है तो अधिकारी भी रटा रटाया जवाब देते नजर आए. उन्होंने कहा कि सरकारी रिकॉर्ड में 2000 वर्ग मीटर पोखर की जमीन है और जब पैमाइश की गई, तो पोखर में जो जमीन है उससे अधिक वहां पाई गई.About the AuthorRajneesh Kumar Yadavमैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ेंLocation :Mathura,Uttar PradeshFirst Published :February 06, 2026, 12:23 ISThomeuttar-pradeshपार्षद ने 50 लाख में बेच दिया सरकारी पोखरा, शुरू हुई बाउंड्री तो पता चला मामला

Source link

You Missed

authorimg
Uttar PradeshFeb 6, 2026

UP Police के शाही-ताकतवार घोड़ों पर करनी है सवारी? पूरे 45 मिनट तक मिलेगी ट्रेनिंग, आप कैसे कर सकते हैं, जानें

कानपुर के घुड़सवारी प्रेमियों के लिए खास तौर पर महिलाओं के लिए यह खबर किसी बड़े रोमांच से…

Scroll to Top