Uttar Pradesh

Agra News : तीन महीने में रौंद डाली नई व्यवस्था, खुलेआम उड़ाई धज्जियां, कुचल गया अफसरों का सपना

Last Updated:May 25, 2025, 22:31 ISTAgra news in hindi : इन्हें सड़क पर वाहनों को एक कतार में चलाने, लेफ्ट साइड को फ्री रखने और ट्रैफिक को व्यवस्थित करने के लिए लगाया गया था. अधिकांश टूट चुके हैं या कहीं उनके पेंच ही बचे हैं, तो कहीं पूरे गायब है…और पढ़ेंX

सड़क पर लगे बोलार्डहाइलाइट्सआगरा में 5000 बोलार्ड तीन महीने में टूटे.प्रत्येक बोलार्ड की कीमत ₹600 है.बोलार्ड ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए लगाए गए थे.आगरा. ताज नगरी आगरा ने दिल तोड़ दिया है. यहां ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए प्रशासन की ओर से शहर के प्रमुख चौराहों पर लगाए गए प्लास्टिक बोलार्ड तीन महीने भी नहीं टिक पाए. ये बोलार्ड सड़क पर वाहनों को एक कतार में चलाने, लेफ्ट साइड को फ्री रखने और ट्रैफिक को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से लगाए गए थे. लेकिन शहर की जनता ने या तो इन्हें समझा ही नहीं या फिर जानबूझकर नजरअंदाज किया. नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस की सहमति से हरीपर्वत, सेंट जोंस, दयालबाग, भगवान टॉकीज, सूरसदन, मदिया कटरा और यमुना किनारे जैसे व्यस्त चौराहों पर हजारों की संख्या में बोलार्ड लगाए गए थे. एक बोलार्ड की कीमत लगभग 600 रुपये है और शहर में करीब 5,000 बोलार्ड लगाए गए थे. अब हाल ये है कि इन चौराहों पर अधिकांश बोलार्ड टूट चुके हैं, कहीं उनके पेंच ही सड़क पर बचे हैं, तो कहीं वे सड़क पर गिरे या गायब हो गए हैं.

ज्यादा जिम्मेदार कौन

इन बोलार्ड को सबसे अधिक नुकसान दोपहिया वाहन चालकों और ई-रिक्शा चालकों ने पहुंचाया है. जल्दी निकलने की होड़ में लोग इन बोलार्ड पर से गाड़ियां निकाल देते हैं. ये सॉफ्ट प्लास्टिक से बने होते हैं, जिससे झुक तो जाते हैं, लेकिन बार-बार रौंदे जाने से टूट जाते हैं. ट्रैफिक पुलिस की ओर से इन वाहनों का कोई चालान नहीं किया जाता, जबकि चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं. इसके बावजूद अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है.

क्या है बोलार्ड

एसीपी ट्रैफिक अरीब अहमद ने बताया कि लेफ्ट फ्री ट्रैफिक को सुनिश्चित करने के लिए यह प्रयोग किया गया था. अब तक दो बार बोलार्ड लगाए जा चुके हैं, लेकिन जनता की लापरवाही के कारण बार-बार इन्हें तोड़ दिया जाता है. फिलहाल अधिकारियों से चर्चा जारी है और आगे फिर से बोलार्ड लगाने की योजना है. उन्होंने जनता से अपील की है कि यह उनकी अपनी संपत्ति है, इसे नुकसान न पहुंचाएं. बोलार्ड सॉफ्ट प्लास्टिक का एक चमकदार डंडा होता है, जिसे सड़क पर पेंच की मदद से लगाया जाता है. यह रात में चमकते हैं ताकि दूर से ही दिखाई दे सकें और ट्रैफिक को सही दिशा में चलने में मदद मिले.

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