Uttar Pradesh

अब्दुल हसीब का हमेशा विवादों से रहा है नाता, अब कानपुर हिंसा में भी आया नाम सामने



हाइलाइट्सअब्दुल हसीब कभी राजनीति तो कभी शिक्षा के क्षेत्र में हमेशा से विवादों में रहाअब्दुल हसीब पर रंगदारी से लेकर कब्जे करने के कई मुकदमे अलग-अलग थानों में दर्जकानपुर. 3 जून को हुई हिंसा में सबसे बड़ा हाथ अब्दुल हसीब का है. दरअसल, पुलिस कमिश्नर को गुमनाम व्यक्ति ने एक खत लिख कर यह जानकारी दी है कि अब्दुल हसीब हिंसा का आरोपी है और नैनीताल में बैठकर उसने कानपुर में हिंसा कराने का बड़ा खेल रचा. अब्दुल हसीब मुस्लिम एसोसिएशन का जनरल सेक्रेटरी है और बिल्डर हाजी वसी का कारोबारी पार्टनर भी है.
3 जून को हुई हिंसा मामले में अब्दुल हसीब का नाम एक गुमनाम खत के जरिए आया, लेकिन इसके बाद जाजमऊ निवासी शोएब अंसारी ने अब्दुल हसीब के खिलाफ शिकायत की. आरोप है कि हसीब ने जान से मारने की धमकी दी है और उसके मोबाइल पर बकरा कुर्बानी करने वाला एक वीडियो भी भेजा है. जिसकी शिकायत शोएब ने पुलिस कमिश्नर से की और अब इस मामले में पुलिस ने अब्दुल हसीब के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. साथ ही हिंसा मामले में भी फंडिंग को लेकर और हाजी वसी से संबंधों की भी जांच पुलिस कर रही है.
राजनीति से भी रहा है नाताकहने को तो कच्चे चमड़े का बड़ा कारोबार करने वाला अब्दुल हसीब कभी राजनीति तो कभी शिक्षा के क्षेत्र में हमेशा से विवादों में रहा है. राजनैतिक पार्टियों की अदला बदली और समय पर उनका फायदा उठाने में भी अब्दुल हसीब माहिर है. कभी समाजवादी पार्टी में रहे अब्दुल हसीब ने 2017 में बसपा की टिकट से कानपुर की आर्य नगर विधानसभा से चुनाव लड़ा और हार हुई. उसके बाद ही जब प्रदेश में योगी की सरकार बनी तो शहर की कई जगहों पर सरकार का स्वागत करने वाली होर्डिंग के साथ अपना फोटो लगाकर बीजेपी में शामिल होने का संकेत दिया.
जमीनों पर कब्जे को लेकर सुर्ख़ियों में रहाकानपुर शहर की बड़ी शैक्षिक संस्था मुस्लिम एसोसिएशन जिसके शहर के कई हिस्सों में प्राइमरी स्कूल से लेकर डिग्री कॉलेज तक हैं उस संस्था का अब्दुल हसीब महामंत्री रहा, लेकिन संस्था की जमीनों पर कब्जे के विवाद को लेकर हसीब का नाम सुर्खियों में रहा. मुस्लिम एसोसिएशन विवाद दो पक्षों के बीच कोर्ट में है और संस्था के शैक्षिक संस्थानों पर कब्जे को लेकर भी लगातार विवाद सुर्खियों में रहता है.
नैनीताल में है नया ठिकानाअब्दुल हसीब पर रंगदारी से लेकर कब्जे करने के कई मुकदमे अलग-अलग थानों में दर्ज हैं, लेकिन हसीब पिछले कई महीनों से नैनीताल में बनी अपनी कोठी से बैठ कर कानपुर में अपने  कामों को अंजाम देता है. कारोबार को कानपुर में अब्दुल हसीब का भाई जावेद और उसके कई साथी देखते हैं. यहां पर बिल्डिंग के काम से लेकर अन्य कई और काम भी उसका भाई देखता है.ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी | आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी |Tags: Kanpur news, Kanpur violence, UP latest newsFIRST PUBLISHED : July 31, 2022, 11:58 IST



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